- जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था और जांच पर प्रश्नचिन्ह
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से इस मामले में एक नया अपडेट सामने आया है, जहां मां-बेटे के मर्डर केस के मुख्य आरोपी प्रवेश कुमार की जेल के भीतर तबीयत बिगड़ने और सुरक्षा संबंधी कारणों से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा उपचार किए जाने और हालत सामान्य होने पर उसे वापस जेल भेज दिया गया। इस घटना के बाद जेल प्रशासन अलर्ट पर है।
कर्ज के दलदल और लोन की रकम के लिए मर्डर
यह पूरा मामला जयनगर और विश्रामपुर थाना क्षेत्र का है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। आरोपी प्रवेश कुमार ऑटो पार्ट्स का बिजनेस करता था और उस पर करीब 20 लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज था। इसी बीच उसे पता चला कि उसके साथ काम करने वाली शिक्षिका रजनी बरेठ ने बैंक से 19 लाख रुपये का लोन लिया है। आरोपी पैसों की मांग को लेकर शिक्षिका के घर पहुंचा था, लेकिन जब रजनी बरेठ ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो उनके बीच विवाद बढ़ गया और आरोपी ने गला घोंटकर शिक्षिका की बेरहमी से हत्या कर दी।
साक्ष्य मिटाने के लिए मासूम बेटे की भी ली जान
शिक्षिका की हत्या करने के बाद आरोपी अपने इस गुनाह को छुपाना चाहता था। उसने मृतका के 18 वर्षीय बेटे सूजल बरेठ को अपने साथ एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसकी भी हत्या कर दी, ताकि कोई गवाह न बचे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी प्रवेश कुमार उर्फ परवेश कुमार को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था।
पत्नी की फांसी की मांग और 1 करोड़ के इंश्योरेंस का सच
इस पूरे हत्याकांड में सबसे बड़ा और हैरान करने वाला मोड़ तब आया जब आरोपी की खुद की पत्नी ने पुलिस के सामने अपने पति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आरोपी की पत्नी और मृतका रजनी बरेठ एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं। आरोपी की पत्नी ने अपने पति के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। इसके साथ ही उसने खुलासा किया कि घटना से महज 15 दिन पहले ही प्रवेश ने उसकी मर्जी के बिना उसका 1 करोड़ रुपये का बीमा कराया था। पत्नी को यह अंदेशा है कि कर्ज से मुक्ति पाने के लिए आरोपी पति इंश्योरेंस के पैसे हड़पने की बड़ी साजिश रच रहा था।







