कमलकांत पाटनवार
बिलासपुर
जिला कलेक्टर कार्यालय के मल्टीलेवल पार्किंग परिसर में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के रखरखाव एवं आवश्यक सुविधाओं की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने जिला कलेक्टर, बिलासपुर से शिकायत कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
संगठन के जिला संयोजक मनोज कौशिक ने बताया कि पूर्व में जिला प्रशासन एवं नगर निगम के जोन क्रमांक-03 को आवेदन देकर छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर चढ़ने के लिए स्थायी स्टील की सीढ़ी लगाने, प्रतिमा के पीछे बने छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रंग-रोगन कराने, नियमित साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं समुचित रखरखाव की मांग की गई थी। इसके बावजूद आज तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण संगठन को पुनः कलेक्टर से शिकायत करनी पड़ी।
जिला उपाध्यक्ष भुनेश्वर रजक ने सवाल उठाया कि जब छठ पर्व सहित विभिन्न आयोजनों की व्यवस्थाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, तो छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के रखरखाव और सम्मान से जुड़े जरूरी कार्यों की अनदेखी क्यों की जा रही है? क्या छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान और संरक्षण को जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में स्थान नहीं मिलना चाहिए?
राकेश कैवर्त ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति, अस्मिता और छत्तीसगढ़िया समाज के स्वाभिमान का प्रतीक हैं। ऐसे महत्वपूर्ण स्थल पर स्थायी सीढ़ी जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव तथा पीछे बने छत्तीसगढ़ के नक्शे का रंग-रोगन नहीं होना चिंता का विषय है। प्रतिमा स्थल की नियमित साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और देखरेख की उचित व्यवस्था भी आवश्यक है।

विश्राम साहू ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में दिए गए आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने के कारणों की जांच की जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा प्रतिमा स्थल पर स्थायी स्टील की सीढ़ी लगाने, नक्शे का रंग-रोगन कराने और नियमित रखरखाव की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। संगठन ने यह भी मांग की है कि की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना जिला अध्यक्ष अनिल कुमार पाली ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी का सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रदेश की अस्मिता और स्वाभिमान का सम्मान है। जिला प्रशासन को इस विषय पर गंभीरता दिखाते हुए जनभावनाओं के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।







