- बढ़ रहा है तूफान का प्रकोप
रायपुर।बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर छत्तीसगढ़ में तेजी से गहरा गया है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में लैंडफॉल करने के बाद यह चक्रवात अब छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से राज्य के दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है और कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश के साथ तेज आंधी का दौर शुरू हो चुका है।
मौसम विभाग की भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए बस्तर और सरगुजा संभाग सहित प्रदेश के 12 जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में 115 मिमी से लेकर 204 मिमी तक घनघोर बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसके साथ ही विशेष रूप से बस्तर संभाग में लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं, जिससे पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने का बड़ा खतरा बना हुआ है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और स्कूलों में अवकाश
तूफान के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित 16 जिलों के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। बस्तर और बिलासपुर जैसे संवेदनशील नगर निगम क्षेत्रों में निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ से निपटने के लिए आपातकालीन कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आपदा राहत दल के साथ JCB और डंपर तैनात किए गए हैं, और बस्तर में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 07782-223122 भी जारी किया गया है।
किसानों की बढ़ी चिंताएं
इस बेमौसम तूफानी बारिश ने छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं की चिंताओं को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में धान की फसल पककर तैयार है और कई जगहों पर कटाई का काम चल रहा है। इस भारी बारिश और तेज आंधी के कारण खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।







