नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास

POCSO न्यायालय का फैसला, आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया; सिमगा पुलिस की विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर हुई दोषसिद्धि

बलौदाबाजार-भाटापारा। नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर मामले में भाटापारा स्थित अपर सत्र न्यायाधीश (POCSO) न्यायालय ने आरोपी ओमकार यादव को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस के अनुसार, यह फैसला 27 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया।

तीन धाराओं के तहत सुनाई गई सजा

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी ओमकार यादव (20 वर्ष), निवासी ग्राम सरोरा, थाना तिल्दा-नेवरा, जिला रायपुर को न्यायालय ने दोषसिद्ध ठहराया। आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत तीन वर्ष का कठोर कारावास और 100 रुपये अर्थदंड, धारा 87 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपये अर्थदंड तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(L)/6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ भुगताने का आदेश दिया है। इसके चलते आरोपी को प्रभावी रूप से 20 वर्ष का कठोर कारावास भुगतना होगा।

जुलाई 2025 में दर्ज हुई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

पुलिस के मुताबिक, 14 जुलाई 2025 को पीड़िता की मां ने थाना सिमगा में अपनी नाबालिग पुत्री के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 376/2025 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

विवेचना के दौरान पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी सहायता के आधार पर 7 नवंबर 2025 को पीड़िता को जिला रायपुर के ग्राम सरोरा से सुरक्षित बरामद किया।

साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में पेश किया गया चालान

पीड़िता की बरामदगी के बाद पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। साथ ही चिकित्सकीय साक्ष्य, उम्र संबंधी दस्तावेज और मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।

मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और पुलिस की विवेचना के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

पुलिस ने प्रभावी पैरवी को बताया महत्वपूर्ण

बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस के अनुसार, मामले में साक्ष्यों का संकलन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी आरोपी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण रही। पुलिस ने महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में गंभीरता से कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों के मामलों में न्यायिक कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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