बलौदाबाजार-भाटापारा:पारिवारिक विवाद के चलते यूरिया खाद खाकर आत्महत्या का प्रयास करने वाले एक 24 वर्षीय युवक के लिए डायल 112 की टीम ‘संजीवनी’ बनकर सामने आई। टीम की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई की बदौलत युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसकी जान बच सकी। इस मानवीय कार्य के लिए परिजनों और ग्रामीणों ने बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम मिली जानकारी के अनुसार, कसडोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में पारिवारिक विवाद के कारण 24 वर्षीय एक युवक की तबीयत अचानक अत्यंत गंभीर हो गई, जिससे उसकी जान पर बन आई। युवक की हालत बिगड़ते देख परिजनों ने तुरंत आपातकालीन सेवा डायल 112 को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की रिस्पॉन्स टीम बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंच गई।सीएचसी कसडोल में कराया गया भर्ती डायल 112 की टीम ने युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कसडोल पहुंचाया। डॉक्टरों की टीम ने भी बिना समय गंवाए युवक का आपातकालीन इलाज शुरू किया। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने के कारण युवक की जान बच गई और उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।परिजनों और ग्रामीणों ने जताया आभार यदि डायल 112 की टीम पहुंचने में थोड़ी भी देर करती, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस की इस तत्परता को देखकर युवक के परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस और 112 की पूरी रिस्पॉन्स टीम को दिल से धन्यवाद दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस का यह रूप संकट के समय में आम जनता के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं है।








