बलौदाबाजार भाटापारा,भगवान शिव को समर्पित श्रावण मास पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। सावन के तीसरे सोमवार को शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। विशेष रूप से सोनपुरी स्थित बाबा भुतेश्वर नाथ शिव मंदिर और पिपराहा तालाब स्थित शिव मंदिर में भक्तों ने पूरे भक्ति भाव से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक व पूजन किया। सोमवार की सुबह शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ। बाबा भुतेश्वर नाथ का पंचामृत स्नान कर भव्य शृंगार किया गया। परंपरागत रूप से श्रावणी रामायण पाठ की शुरुआत भी की गई, जो पूरे सावन मास तक जारी रहेगा। शहर के सभी शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहा और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस बार सावन का महीना बेहद खास है क्योंकि सावन के चारों सोमवार को शुभ संयोग है। पहले सोमवार पर ही सर्वार्थसिद्धि, सुकर्म योग, धृति योग और हंसराज योग का संयोग रहा। दूसरा सोमवार गौरी योग में 10 अगस्त को मनाया गया। तीसरा सोमवार 17 अगस्त को हंसराज योग, बुधादित्य योग और त्रिग्रही योग में रहा वही चौथे व अंतिम सावन सोमवार 24 अगस्त अमृत योग में मनायी जायेगी।
पं. चुड़ामणी तिवारी के अनुसार सावन का महीना हिंदुओं के पवित्र चातुर्मास में से एक माना जाता है। इस महीने का संबंध पूर्ण रूप से शिवजी से माना जाता है। इसी महीने में समुद्र मंथन हुआ था और भगवान शिव ने हलाहल विष का पान किया था। हलाहल विष के पान के बाद उग्र विष को शांत करने के लिए भक्त इस महीने में शिवजी को जल अर्पित करते हैं। पूरे वर्ष भर पूजा करके जो फल पाया जाता है, वह फल केवल सावन में पूजा करके पाया जा सकता है, तपस्या, साधना और वरदान प्राप्ति की लिए यह महीना विशेष शुभ है।
इन 15 चीजों से करें पूजन: भगवान शिव की पूजा करते समय भक्तों को उनकी पसंद की चीजों का ख्याला जरूर रखना चाहिए। सबसे पहले सुबह स्नान करें और किसी मंदिर में जाकर शिवलिंग पर चंदन, धतूरा, आंकड़े के फूल, बिल्वपत्र, जनेऊ, चावल, फल, दूध, मिठाई, नारियल, पंचामृत, दक्षिणा सूखे मेवे, मिश्री, पान शिवलिंग पर चढ़ाएं।














