बिलासपुर (कमलकांत पाटनवार):- अरपा पार क्षेत्र को पृथक नगर निगम बनाने की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। नागरिक सुरक्षा मंच ने प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता कर ऐलान किया है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन को तेज किया जाएगा। मंच ने 1 सितंबर से रामसेतु, सरकंडा में आमरण अनशन शुरु करने की घोषणा की है। नागरिक सुरक्षा मंच अरपा पार क्षेत्र के 22 वार्डों को मिलाकर अलग नगर निगम बनाने की मांग कर रहा है। मंच का कहना है कि पृथक नगर निगम की मांग को लेकर पिछले करीब 30 वर्षों से संघर्ष किया जा रहा है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। मंच ने वर्ष 2019 में नगर निगम सीमा में शामिल किए गए 19 ग्राम पंचायतों के विकास को लेकर भी सवाल उठाए हैं। मंच के पदाधिकारियों का आरोप है कि अरपा पार क्षेत्र में लंबे समय से विकास की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन अपेक्षित बुनियादी सुविधाएं अब भी नहीं मिल पा रही हैं। क्षेत्र में पांच दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद बेहतर सार्वजनिक गार्डन जैसी सुविधाओं का अभाव भी मंच ने मुद्दा बनाया है।
केंद्रीय मंत्री को सौंप चुके हैं ज्ञापन………
मंच के संयोजक अमित तिवारी ने बताया कि पृथक नगर निगम की मांग को लेकर केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया था। मंच के अनुसार केंद्रीय मंत्री की ओर से मामले के शीघ्र निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ शासन के शहरी विकास मंत्रालय को पत्र भी लिखा गया था। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने का आरोप मंच ने लगाया है।
आश्वासन नहीं, अब परिणाम चाहिए……
नागरिक सुरक्षा मंच ने स्पष्ट किया है कि पृथक नगर निगम के गठन को लेकर ठोस और समयबद्ध निर्णय नहीं होने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। मंच ने कहा कि अब आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए; वादा नहीं, हिसाब चाहिए; घोषणा नहीं, निर्णय चाहिए। इसी मांग को लेकर 1 सितंबर से रामसेतु, सरकंडा में आमरण अनशन शुरु करने का ऐलान किया गया है। अब देखना होगा कि आंदोलन से पहले या इसके बाद शासन स्तर पर इस मांग को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।














