बलौदाबाजार:( मोहन तिवारी)बलौदाबाजार जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था और कर्मचारियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. मरीजों की सेवा के लिए तैनात एक ड्रेसर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में धुत पाया गया. घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है. कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है.
रात 11 बजे ड्यूटी के दौरान सामने आया मामला
10 जुलाई 2026 की रात करीब 11 बजे जिला अस्पताल बलौदाबाजार में रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान यह पूरा मामला सामने आया. बताया जा रहा है कि ड्यूटी पर तैनात ड्रेसर तिकेंद्र कांत शराब के इतने नशे में था कि वो खड़ा नहीं हो पा रहा था. ड्रेस तिकेंद्र का नशे में वीडियो बाद में वायरल हुआ. इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात कर्मचारियों से जिम्मेदारी और संवेदनशील व्यवहार की उम्मीद की जाती है. इस तरह की घटना से मरीजों और उनके परिजनों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है.
कलेक्टर ने लिया संज्ञान, जांच के निर्देश वीडियो सामने आने के बाद मामले की जानकारी बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा को दी गई.कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है.
स्वास्थ्य विभाग में अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी-कुलदीप शर्मा, कलेक्टर
CMHO ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
सिविल सर्जन ने जारी किया अंतिम चेतावनी नोटिस
मामले में जिला अस्पताल प्रबंधन ने भी त्वरित कार्रवाई की है.सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक वर्मा ने ड्रेसर तिकेंद्र कांत को अंतिम चेतावनी और सेवा समाप्ति की कार्यवाही की सूचना वाला नोटिस जारी किया है. सिविल सर्जन ने कर्मचारी से दो दिनों के भीतर जवाब मांगा है. नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि कर्मचारी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.
- पहले भी मिल चुके हैं कर्मचारी को नोटिस
सिविल सर्जन कार्यालय के अनुसार यह मामला कर्मचारी की पहली गलती नहीं है. इससे पहले भी कार्य में सुधार और अनुशासन बनाए रखने के लिए उसे चार बार कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं.
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर्मचारी 8 जुलाई 2026 और फिर 10 जुलाई 2026 को नाइट ड्यूटी के दौरान शराब के नशे की स्थिति में पाया गया.लगातार चेतावनी के बाद भी सुधार नहीं होने पर अब अस्पताल प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाया है.
अब जांच रिपोर्ट पर नजर
फिलहाल प्रशासनिक जांच और कर्मचारी के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी.वहीं इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की निगरानी और अनुशासन व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है.






