हनुमान अंश बेहद लोकप्रिय हो रहा बायोग्राफी-ड्रामा फिल्म है. इसमें अभिनेता शोभित नव सत्या (Shobhinaw Satyaa) ने युवा नीम करौली बाबा (लक्ष्मण नारायण शर्मा) का किरदार निभाया है. विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित यह फिल्म बाबा की हनुमान भक्ति, उनके शुरुआती जीवन और उनके जीवन से जुड़े प्रसिद्ध चमत्कारों (जैसे बिना टिकट ट्रेन से उतारे जाने पर ट्रेन का रुक जाना) को बहुत ही खूबसूरती से दिखाती है.
नीम करौली बाबा बीसवीं सदी के भारत के सबसे महान और रहस्यमयी संतों में से एक माने जाते हैं, जिनका प्रभाव न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में देखा गया है। उनका वास्तविक नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था और उनका जन्म उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में एक संपन्न ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बहुत ही कम उम्र में उन्होंने सांसारिक जीवन को त्याग दिया और एक सन्यासी का जीवन अपना लिया। वे भगवान हनुमान के परम भक्त थे और उनके अनुयायी उन्हें स्वयं हनुमान जी का अवतार मानते थे। बाबा ने अपने जीवनकाल में उत्तराखंड के कैंची धाम सहित कई आश्रमों की स्थापना की। बाबा नीम करौली की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे किसी भी प्रकार के पाखंड या आडंबर से दूर रहते थे और हमेशा एक साधारण कंबल ओढ़े रहते थे। उन्होंने हमेशा ‘सबका भला करो’ और ‘भूखे को भोजन कराओ’ का संदेश दिया। उनके चमत्कारों और उनकी दिव्य दृष्टि की कहानियां आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। उन्होंने साल 1973 में महासमाधि ली थी, लेकिन आज भी उनके कैंची धाम आश्रम में लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ती है, जिनमें दुनिया की कई नामचीन हस्तियां शामिल हैं।वैश्विक दिग्गजों पर नीम करौली बाबा का प्रभाव और पश्चिमी देशों में लोकप्रियतानीम करौली बाबा की ख्याति केवल भारत तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि पश्चिमी देशों के कई बड़े विचारकों और तकनीकी दिग्गजों ने उनके विचारों से प्रेरणा ली। एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स जब अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे थे, तब वे अध्यात्म और शांति की तलाश में भारत आए थे और नीम करौली बाबा के आश्रम कैंची धाम पहुंचे थे। स्टीव जॉब्स की सलाह पर ही फेसबुक (अब मेटा) के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग भी साल 2015 में कैंची धाम आश्रम आए थे, जब उनकी कंपनी एक मुश्किल दौर का सामना कर रही थी। इसके अलावा हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स भी बाबा नीम करौली की तस्वीरों और उनके विचारों से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने हिंदू धर्म अपना लिया। इन वैश्विक हस्तियों के जुड़ाव ने बाबा नीम करौली और कैंची धाम को पूरी दुनिया में एक नई पहचान दी।
नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी फिल्में और वृत्तचित्र
नीम करौली बाबा के दिव्य जीवन, उनके दर्शन और उनके शिष्यों के अनुभवों को दुनिया के सामने लाने के लिए कई वृत्तचित्र और फिल्में बनाई गई हैं। इनमें सबसे प्रमुख ‘विंडफॉल ऑफ ग्रेज’ (Windfall of Grace) नामक एक बेहतरीन डॉक्यूमेंट्री फिल्म है। यह फिल्म बाबा के उन पश्चिमी और भारतीय शिष्यों के अनूठे अनुभवों को पर्दे पर दिखाती है, जिन्होंने बाबा के चमत्कारों और उनकी असीम कृपा को खुद महसूस किया था। इसके अतिरिक्त, हॉलीवुड और वैश्विक स्तर पर बाबा के प्रसिद्ध शिष्य राम दास (रिचर्ड अल्पर्ट) के जीवन पर बनी फिल्मों में भी नीम करौली बाबा के प्रभाव को प्रमुखता से दिखाया गया है। वर्तमान में भी कई फिल्म निर्माता और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स बाबा के जीवन की अनसुनी कहानियों, कैंची धाम के इतिहास और स्टीव जॉब्स व मार्क जुकरबर्ग जैसी हस्तियों के वहां जाने के अनुभवों पर आधारित नई शॉर्ट फिल्में और डॉक्यूमेंट्रीज बना रहे हैं, जिन्हें ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब पर दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है।











