राजनांदगांव । जिले के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही और संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। शहर के पारख नर्सिंग होम में भर्ती कराई गई 27 वर्षीय महिला की मौत के बाद पीड़ित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने मोटी रकम वसूलने के बाद मरीज की स्थिति बिगड़ने पर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया, जिसके कारण महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी।
खून की कमी के चलते कराया गया था भर्ती
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर को 27 वर्षीय बैसाखीन जोशी (पति दीपक जोशी) को शरीर में खून की कमी होने के कारण पारख नर्सिंग होम में इलाज के लिए दाखिल कराया गया था। भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने मरीज का इलाज शुरू किया और परिजनों को जल्द ही स्थिति में सुधार होने का आश्वासन दिया था।
मोटी रकम वसूलने और जबरन हस्ताक्षर कराने का आरोप
पीड़ित परिवार का गंभीर आरोप है कि इलाज की प्रक्रिया के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने उनसे करीब 22 हजार रुपये जमा करवा लिए। पैसे लेने के कुछ ही समय बाद अचानक अस्पताल के कर्मचारियों ने मरीज की हालत बेहद नाजुक होने की बात कही। परिजनों ने बताया कि घबराहट के माहौल में अस्पताल प्रबंधन ने उनसे आनन-फानन में कुछ अज्ञात दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए और मरीज को तुरंत सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह देकर वहां से रवाना कर दिया।
मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
अस्पताल की बात मानकर परिजन अत्यंत गंभीर स्थिति में महिला को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। हालांकि, वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने मरीज को अस्पताल के भीतर ले जाने से पहले ही, परिसर के बाहर ही मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की इस घोषणा के बाद परिजनों के होश उड़ गए और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
परिजनों ने उठाए सवाल और अस्पताल के बाहर किया विरोध
महिला की असमय मौत से आक्रोशित परिजनों ने पारख नर्सिंग होम की कार्यप्रणाली और डॉक्टरों की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि महिला की स्थिति इतनी गंभीर थी, तो उन्हें पहले इसकी सही और स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने सिर्फ पैसे ऐंठने के लिए मरीज को रोके रखा और जब स्थिति हाथ से निकल गई, तो अपनी जिम्मेदारी छुपाने के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना के बाद से ही गुस्से में आए परिजनों ने अस्पताल परिसर के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की।
निष्पक्ष जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति
इस संवेदनशील मामले में पारख नर्सिंग होम प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष और इलाज से जुड़े दस्तावेज सामने आना अभी बाकी है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा इलाज की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच किए जाने के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा और यह साफ हो पाएगा कि इस मामले में मेडिकल लापरवाही किस स्तर पर हुई है।







