बिलासपुर। सरकंडा स्थित बाल संप्रेषण गृह में रविवार सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई। ड्यूटी पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। गार्ड के हाथ-पैर बंधे हुए थे, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद बाल संप्रेषण गृह से चार किशोर फरार पाए गए हैं। पुलिस ने उनकी तलाश के लिए बिलासपुर सहित आसपास के जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फरार चारों किशोर हत्या, छेड़छाड़ और ड्रग्स से जुड़े मामलों में बाल संप्रेषण गृह में निरुद्ध थे। पुलिस के अनुसार उनकी पहचान कर ली गई है। इनमें रायगढ़ और कोरबा जिले के किशोर शामिल बताए जा रहे हैं। आशंका है कि फरारी के दौरान उन्होंने किसी वाहन का इस्तेमाल किया।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की प्रगति का जायजा लिया। पूरे परिसर को पुलिस ने घेराबंदी कर फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल ने बताया कि फरार चारों किशोरों की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया, सुरक्षा गार्ड के हाथ-पैर कैसे बांधे गए, हत्या किस तरीके से की गई और फरारी की योजना पहले से बनाई गई थी या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फरार किशोरों को बाहर से किसी प्रकार की मदद मिली थी या नहीं। परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका, प्रवेश-निकास व्यवस्था और सीसीटीवी फुटेज की भी गहन जांच की जा रही है।
महत्वपूर्ण: मामला बाल संप्रेषण गृह से जुड़ा होने के कारण किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत फरार किशोरों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। फरार किशोरों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।






