सेहत का ख्याल : क्यों बन रहा है हर दूसरा व्यक्ति गैस और कब्ज का शिकार?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और ‘फास्ट फूड कल्चर’ के कारण पेट से जुड़ी बीमारियां महामारी की तरह फैल रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, पेट साफ न होना (कब्ज) और लगातार पेट फूलना (गैस) सीधे तौर पर हमारी डेली हैबिट्स से जुड़ा है।

गैस और कब्ज होने के मुख्य कारण

फाइबर की कमी: भोजन में हरी सब्जियां, फल और सलाद कम खाने से आंतों की मूवमेंट धीमी हो जाती है।

गलत खान-पान: राजमा, छोले, फास्ट फूड, मैदा और खाली पेट चाय-कॉफी का अधिक सेवन पेट में एसिड और गैस बढ़ाता है।

खाना जल्दी-जल्दी निगलना: बिना चबाए तेजी से खाने या बात करते हुए खाने से पेट में हवा (Air) चली जाती है, जो गैस का रूप ले लेती है।

फिजिकल एक्टिविटी न होना: खाने के तुरंत बाद बैठ जाना या सो जाना पाचन तंत्र को सुस्त बनाता है।

कम पानी पीना: शरीर में पानी की कमी होने से मल सख्त हो जाता है, जिससे कब्ज की समस्या होती है।

तनाव (Stress): मानसिक तनाव सीधे हमारी आंतों को प्रभावित करता है, जिससे खाना पचने में देरी होती है।

मेडिकल कारण: आईबीएस (IBS), सीबो (SIBO) या सिलियक डिजीज जैसी छिपी बीमारियां भी इसका बड़ा कारण हैं।

गैस और कब्ज का आपस में क्या कनेक्शन है?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कब्ज और गैस दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जब किसी व्यक्ति को कब्ज होता है, तो मल बड़ी आंत में रुक जाता है। वहां मौजूद बैक्टीरिया उस रुके हुए भोजन को फर्मेंट करने लगते हैं, जिससे बहुत ज्यादा हाइड्रोजन और मीथेन गैस बनती है। यही कारण है कि कब्ज होने पर पेट फूलने और दर्द की समस्या दोगुनी हो जाती है।

राहत पाने के आसान उपाय सौंफ और अजवाइन: खाना खाने के बाद सौंफ, अजवाइन और थोड़ा सा गुड़ खाने से भोजन सड़ता नहीं और पाचन अच्छा होता है।

सक्रिय रहें: सुबह-शाम कम से कम 20-30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज जरूर करें।

फाइबर बढ़ाएं: अपने आहार में मोटे अनाज, दलिया और फलों को शामिल करें।पर्याप्त पानी: दिनभर में शरीर की जरूरत के अनुसार सही मात्रा में गुनगुना या सामान्य पानी पीते रहें।

डॉक्टर की सलाह कब लें?अगर आपको गैस और कब्ज के साथ अचानक वजन घटने, मल में खून आने, तेज पेट दर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिखें, तो घरेलू इलाज के भरोसे न रहें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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