संदीप यादव मुंगेली बिलासपुर-मुंगेली मुख्य मार्ग पर शनिवार को फिर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। महिंद्रा XUV और रॉयल एनफील्ड बुलेट के बीच हुई जोरदार टक्कर में XUV कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि बुलेट सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, XUV चालक बिलासपुर की ओर से आ रहा था और डिवाइडर के बीच छोड़े गए खुले गैप से अचानक यू-टर्न लेने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान मुंगेली की ओर से तेज गति से आ रही बुलेट से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बुलेट चालक उछलकर दूर जा गिरा और XUV का बोनट पूरी तरह पिचक गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को यातायात बहाल कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
2 दिन पहले भी दिखाया था, पर कोई सुध नहीं ली गई
गौरतलब है कि ठीक 2 दिन पूर्व ही इसी डिवाइडर के अनियंत्रित गैप और सड़क किनारे बेतरतीब पड़ी निर्माण सामग्री को लेकर AG खबर ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। उस खबर में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि कैसे डिवाइडर में जगह-जगह छोड़े गए गैप हादसों को न्योता दे रहे हैं। लेकिन शासन-प्रशासन, पीडब्ल्यूडी और यातायात विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और न ही कोई ठोस कार्रवाई की। नतीजा यह हुआ कि 48 घंटे के भीतर ही फिर एक बड़ा हादसा सामने आ गया।

एक तरफ बेपरवाह पार्किंग, दूसरी तरफ कई महीनों से अधूरी फुटपाथ
इस मार्ग की सबसे बड़ी समस्या सिर्फ डिवाइडर गैप ही नहीं है। एक तरफ जहां अस्पताल के सामने खड़ी बेपरवाह और अवैध पार्किंग, तो दूसरी तरफ सड़क किनारे पिछले कई महीनों से बन रही पैदल चलने के लिए फुटपाथ जो आज भी अधूरी पड़ी है, दोनों ही हादसों की बड़ी वजह बन रही हैं।
बिलासपुर-मुंगेली मुख्य मार्ग पर अनेक निजी अस्पताल, क्लीनिक और दुकानें संचालित हैं। इनके संचालकों और ग्राहकों द्वारा अपनी गाड़ियां सीधे मुख्य सड़क पर ही बेतरतीब तरीके से खड़ी कर दी जाती हैं। इससे सड़क की उपयोगी चौड़ाई लगभग आधी रह जाती है और दो गाड़ियों के निकलने की जगह भी नहीं बचती। इस अवैध पार्किंग पर यातायात पुलिस द्वारा कभी कोई चालानी कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे लोगों के हौसले और बुलंद हैं।
वहीं दूसरी ओर सड़क के दोनों किनारों पर पाथवे निर्माण के लिए लगाए जा रहे पेवर ब्लॉक की गुणवत्ता भी बेहद घटिया बताई जा रही है। कई जगह ब्लॉक उखड़ चुके हैं, और निर्माण सामग्री महीनों से सड़क किनारे ही पड़ी है। पैदल चलने वालों के लिए बन रही फुटपाथ का काम अधूरा होने से लोग मजबूरन मुख्य सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल, प्रशासन से मांग
स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि आखिर किसी की निजी सुविधा के लिए छोड़े गए ये गैप कब तक आम लोगों की जान लेते रहेंगे? AG खबर ने पहले भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब जनता मांग कर रही है कि जिला प्रशासन, नगर पालिका और यातायात पुलिस तत्काल इन अनावश्यक गैप को बंद कराए, सड़क किनारे पड़ी निर्माण सामग्री को हटवाए, अधूरी फुटपाथ का निर्माण शीघ्र पूरा कराए और निजी अस्पतालों के सामने हो रही अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई कर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करे, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से पहले व्यवस्था सुधारी जा सके।







