रंग संगीत – चैप्टर 6 का सफल आयोजन, साहित्य-संगीत और लोककला के रंगों से सजी महफ़िल

  • ‎‎भाषा और लोक संस्कृति के रंग में रंगे श्रोतागण, रंग संगीत का सफ़ल आयोजन

घनश्याम साव, रायपुर/ डोंगरगांव।‎संस्कृति विभाग – छत्तीसगढ़ शासन के विशेष सहयोग से प्रदेश की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक व साहित्यिक संस्था श्री साईंनाथ फाउंडेशन द्वारा राजधानी रायपुर में रंग संगीत – चैप्टर 6 का सफल आयोजन किया गया। साहित्य व संगीत के विविध रंगों से सजी यह सांस्कृतिक महफ़िल शाम 5:00 बजे से शुरू होकर देर रात 12 बजे तक चली। आयोजन में प्रदेशभर से आए कलाकारों और साहित्यकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।

‎‎कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, राज्य केश शिल्पी बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, संस्कृति व राजभाषा विभाग – छत्तीसगढ़ शासन के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे तथा छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार मीर अली मीर की गरिमामयी उपस्थिति रही।

‎‎’हुनर के मंच’ पर प्रदेशभर के कलाकारों ने बिखेरा हुनर

‎‎कार्यक्रम के प्रथम सत्र ‘हुनर के मंच’ में प्रदेश के विभिन्न स्थानों से पहुंचे युवा कलाकारों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कविता, संगीत और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से युवा कलाकारों ने अपनी कला का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

‎‎‘गीत त्रिवेणी’ में हिंदी, उर्दू और छत्तीसगढ़ी गीतों का संगम,

‎‎द्वितीय सत्र के अंतर्गत ‘गीत त्रिवेणी’ सत्र में अलग-अलग भाषाओं और सांस्कृतिक भावभूमियों का सुंदर संगम देखने को मिला। गोपालगंज – बिहार से आईं लोकप्रिय कवयित्री सान्या राय ने अपने गीतों से श्रोताओं का मन मोह लिया, वहीं सीतामढ़ी के सुप्रसिद्ध शायर मुरारी मंडल ने अपनी ग़ज़लों से महफ़िल में समां बांध दिया। छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गीतकार मिनेश कुमार ने लोक गीतों की प्रस्तुति देकर प्रदेश की मीठी बोली की मिठास से श्रोताओं को रूबरू कराया।

‎‎निलेश जोगी और टीम की लोकगायन प्रस्तुति ने बांधा समां

‎‎कार्यक्रम के अगले चरण में जांजगीर से आएं सुप्रसिद्ध युवा लोक गायक निलेश जोगी और उनकी टीम ने लोकसंगीत की शानदार प्रस्तुतियां दीं। उनकी गायकी और संगीत ने ऐसा माहौल बनाया कि श्रोता झूमने पर मजबूर हो गए। लोकधुनों और पारंपरिक रंगों से सजी इस प्रस्तुति ने आयोजन को एक अलग ही सांस्कृतिक ऊंचाई प्रदान की।

‎‎कलाकारों का सम्मान, अतिथियों ने किया प्रोत्साहित

‎‎कार्यक्रम के अंतिम सत्र में गणमान्य अतिथियों द्वारा आयोजन में शामिल कलाकारों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर अतिथियों और संस्था के संस्थापक आशीष राज सिंघानिया ने अपने उद्बोधन के माध्यम से कलाकारों एवं साहित्यकारों का उत्साहवर्धन किया।

‎‎छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने सभी कलाकारों और साहित्यकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी बहुत अच्छा लिख और प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कलाकारों को अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अलग धुन, अलग तरन्नुम और प्रस्तुति के अपने विशिष्ट अंदाज के माध्यम से कलाकार स्वयं को भीड़ से अलग स्थापित कर सकते हैं और कई सितारों के बीच ध्रुव तारे की तरह चमक सकते हैं।

‎‎अन्य आमंत्रित अतिथियों ने भी आयोजन की सराहना करते हुए साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में ऐसे मंचों की आवश्यकता पर जोर दिया तथा कलाकारों को निरंतर सृजन और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।

‎‎आभार के साथ हुआ आयोजन का समापन

‎‎सभी अतिथियों एवं कलाकारों के उद्बोधन के बाद श्री साईंनाथ फाउंडेशन की सदस्या आँचल पाण्डेय ने सभी अतिथियों, कलाकारों, साहित्यकारों, सहयोगियों और उपस्थित दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘रंग संगीत – चैप्टर 6’ के सफल समापन की घोषणा की।

‎‎पूरे कार्यक्रम का विभिन्न सत्रों में सफल संचालन हर्षराज हर्ष, भावेश देशमुख व अभिषेक पाण्डेय ने किया। साहित्य, संगीत, कला और लोक संस्कृति को एक साझा मंच पर लाने वाला ‘रंग संगीत – चैप्टर 6’ कलाकारों और कला-साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार सांस्कृतिक संध्या बनकर सामने आया

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