सरयू साहित्य परिषद के सातवें आयोजन में नवधा मंडप में उमड़ी समाजजनों की भीड़, विभिन्न वर्गों के विजेताओं को प्रमाणपत्र एवं प्रतीक चिह्न देकर किया सम्मानित
भाटापारा। धर्म, संस्कृति एवं साहित्य के प्रसार के लिए निरंतर सक्रिय सरयू साहित्य परिषद द्वारा आयोजित सातवें रामायण ज्ञान परीक्षा महोत्सव का समापन नवधा मंडप में भव्य समारोह के साथ हुआ। आयोजन में परीक्षार्थियों को पुरस्कार प्रदान करने के साथ शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं को गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विप्र समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं समाजजनों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।
सरयू साहित्य परिषद द्वारा पिछले सात वर्षों से रामायण ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में विभिन्न ब्राह्मण प्रकल्पों की सहभागिता रहती है। रामायण महोत्सव का शुभारंभ तुलसी जयंती के अवसर पर रामायण ज्ञान परीक्षा के आयोजन के साथ होता है, जबकि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह के साथ महोत्सव का समापन किया जाता है। इस वर्ष भी आयोजन में धर्म एवं संस्कृति के प्रति उत्साह और सामाजिक सहभागिता देखने को मिली।
नवधा मंडप में हुआ भव्य समापन समारोह
रामायण ज्ञान परीक्षा महोत्सव का समापन समारोह नवधा मंडप में अतिथियों एवं समाज प्रमुखों की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। व्याख्यान दिवाकर आचार्य झम्मन शास्त्री की अध्यक्षता तथा पूर्व कृषि उपज मंडी अध्यक्ष सुशील शर्मा के विशेष आतिथ्य में आयोजन हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ पं. हरगोपाल शर्मा के सानिध्य में अतिथियों एवं उपस्थित जनों द्वारा भगवान के पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके पश्चात स्वागत एवं उद्बोधन की कड़ी संपन्न हुई।
अतिथियों एवं समाज प्रमुखों का किया स्वागत
मुकेश शर्मा, उषा मिश्रा, कविता शर्मा, स्वर्णलता त्रिवेदी एवं चन्द्रकिरण शर्मा के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में समाज प्रमुखों द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया।
इस दौरान लालसोट समाज अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी, नरेश चौबे, आदि गौड़ ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष शरद भृगु एवं पं. हरगोपाल शर्मा सहित महिला प्रमुख बबीता भृगु, सीमा शिवरतन शर्मा आदि का स्वागत किया गया।
स्वागत की कड़ी में हरिहर शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, गिरधर गोपाल शर्मा, मोनू मानिक प्रसाद दुबे, ललित तिवाड़ी, जितेन्द्र गौरहा, श्याम सुंदर पुरोहित, सरिता रानी शर्मा, सीमा तिवारी एवं खगेश शर्मा सहित अन्य समाजजनों ने सहभागिता निभाई।
धर्म एवं संस्कृति के प्रसार पर दिया जोर
उद्बोधन की कड़ी में उपस्थित अतिथियों एवं समाज प्रमुखों ने रामायण, सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना आवश्यक है। रामायण जैसे ग्रंथों के माध्यम से बच्चों एवं युवाओं में संस्कार, नैतिकता, सेवा भावना एवं आदर्श जीवन मूल्यों का विकास किया जा सकता है।
उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज में धर्म एवं संस्कृति के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए सरयू साहित्य परिषद के प्रयासों की सराहना की।
रामायण ज्ञान परीक्षा के विजेताओं को किया सम्मानित
पुरस्कार वितरण समारोह में सबसे पहले रामायण ज्ञान परीक्षा में भाग लेने वाले 13 वर्ष से कम आयु के नौनिहाल परीक्षार्थियों का अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया।
इसके बाद विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को प्रमाणपत्र एवं प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कनिष्ठ वर्ग के विजेता
– प्रथम स्थान : आभा पाण्डेय
– द्वितीय स्थान : महक शर्मा
– तृतीय स्थान : रुद्र त्रिवेदी
वरिष्ठ वर्ग के विजेता
– प्रथम स्थान : दीपक पाण्डेय
– द्वितीय स्थान : स्नेहिल ओझा
– तृतीय स्थान : मुस्कान शर्मा एवं बरखा दुबे
विशिष्ट वर्ग के विजेता
– प्रथम स्थान : संजय कुमार पाण्डेय
– द्वितीय स्थान : तारा तिवारी
– तृतीय स्थान : सरिता रानी शर्मा
सभी विजेताओं को अतिथियों एवं समाज प्रमुखों द्वारा प्रमाणपत्र एवं प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही परीक्षा में भाग लेने वाले सभी परीक्षार्थियों को पूर्व कृषि उपज मंडी अध्यक्ष सुशील शर्मा द्वारा प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया।
शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में प्रतिभाओं को गौरव सम्मान
समारोह की महत्वपूर्ण कड़ी में शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं को गौरव सम्मान प्रदान किया गया।
मीडिया प्रभारी सरिता रानी शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष कविता शर्मा, स्वर्णलता त्रिवेदी एवं भूमेश पाण्डेय को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।
सम्मानित प्रतिभाओं को अतिथियों द्वारा सम्मान प्रदान करते हुए उनके योगदान की सराहना की गई।
परिषद अध्यक्ष ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में सरयू साहित्य परिषद के अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले अतिथियों, समाज प्रमुखों, परीक्षार्थियों, अभिभावकों एवं सभी सहयोगियों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
रामायण ज्ञान परीक्षा महोत्सव के माध्यम से बच्चों एवं युवाओं में धार्मिक ज्ञान, संस्कार एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में सामाजिक जनों की सहभागिता रही।







