लखनपुर में एक दिन बाद 21 अक्टूबर को मनेगा दशहरा, 60 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन

जियाउल खान ,लखनपुर /सरगुजा


  • बाजारपारा में 1944 और बस स्टैंड में 1976 से हो रही मां दुर्गा की स्थापना, नवरात्रि पर भक्ति कार्यक्रमों के साथ विशाल भंडारे का आयोजन

लखनपुर। नगर में नवरात्रि का उत्साह चरम पर है। मां दुर्गा के पंडालों में सुबह-शाम आरती, पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण किया जा रहा है। वहीं, प्रतिदिन आयोजित विशाल भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। लखनपुर में पुरानी परंपरा के अनुसार अंबिकापुर से एक दिन बाद 21 अक्टूबर को दशहरा पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर स्थानीय मिनी साक्षरता स्टेडियम में लगभग 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।

1944 से हो रही दुर्गा पूजा

लखनपुर के बाजारपारा में आजादी से पहले वर्ष 1944 से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की परंपरा शुरू हुई थी, जो आज भी निरंतर जारी है। इसी तरह बस स्टैंड में नवचेतना दुर्गा पूजा समिति द्वारा वर्ष 1976 से लगातार मां दुर्गा की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा की जा रही है। दोनों स्थानों पर आकर्षक साज-सज्जा की गई है। नवचेतना दुर्गा पूजा समिति द्वारा रंगारंग भक्ति कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है।

नगर के प्राचीन मां महामाया मंदिर में 400 ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। वहीं, बाजारपारा स्थित मां भवानी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अपने-अपने नाम से 113 ज्योति कलश प्रज्वलित कराए गए हैं। इन धार्मिक आयोजनों से पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

मिनी स्टेडियम में होगा रावण दहन

दशहरा पर्व को लेकर स्थानीय मिनी साक्षरता स्टेडियम में तैयारियां जोरों पर हैं। पुलिस थाना के सामने स्थित स्टेडियम में स्थानीय कलाकारों द्वारा लगभग 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण किया जा रहा है। समिति के सदस्य नरेंद्र पांडे एवं सुरेश साहू ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम में भगवान श्रीराम की स्तुति विशेष आकर्षण रहेगी। बाहर से आए कलाकारों द्वारा शाम 6 बजे से 7 बजे तक रामायण पर आधारित भगवान श्रीराम की स्तुति प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद शाम 7:30 बजे मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में रावण दहन किया जाएगा।

राजघराने की परंपरा से जुड़ा है एक दिन बाद दशहरा

लखनपुर में अंबिकापुर के एक दिन बाद दशहरा मनाने की परंपरा वर्षों पुरानी है। बताया जाता है कि राजा-महाराजाओं के समय लखनपुर के राजा दशहरा के दिन अंबिकापुर राजघराने में सलामी देने जाया करते थे। इसी परंपरा के चलते लखनपुर में एक दिन बाद दशहरा मनाने की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी कायम है। एक दिन बाद दशहरा मनाए जाने के कारण यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और लोगों की भीड़ जुटती है।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर बैठक

दशहरा उत्सव के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए दुर्गा पूजा समिति और पुलिस के बीच बैठक आयोजित कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में पार्किंग और वाहनों के आवागमन को लेकर व्यवस्था तय की गई।

जानकारी के अनुसार, सुमन पंप के पास तथा जुनाडी में पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। चारपहिया वाहनों को जय दुर्गा राइस मिल से अस्पताल मार्ग होते हुए भरतपुर चौक की ओर निकाला जाएगा। वहीं, बड़ी गाड़ियों को कार्यक्रम के दौरान चार घंटे तक नवापारा और राजपुरी में रोका जाएगा, ताकि नगर में यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए समिति और पुलिस द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

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