वन्यप्राणी शिकार मामले में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, जंगली सुअर के मांस की बिक्री के आरोप में 7 आरोपी जेल भेजे गए

बलौदाबाजार।वन्यप्राणियों के अवैध शिकार और उनके मांस के कारोबार के खिलाफ बलौदाबाजार वन विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ग्राम बिलाड़ी में दबिश देकर जंगली सुअर के मांस की कथित बिक्री और खरीदी से जुड़े *कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया*, जहां से सभी को 26 अगस्त को बलौदाबाजार जिला जेल भेज दिया गया।

 

यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी पंकज कुमार कमल के दिशा-निर्देशन में अर्जुनी वन परिक्षेत्र की टीम द्वारा की गई।

मुखबिर की सूचना पर घर में दबिश

वन विभाग को 25 अगस्त को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बिलाड़ी निवासी छब्बीलाल सारथी के घर पर जंगली सुअर के मांस की बिक्री की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए अर्जुनी वन परिक्षेत्र की टीम ने तत्काल गांव में दबिश दी।

कार्रवाई के दौरान अजय सारथी को बाड़ी की मेढ़ के पास संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। उसके कब्जे से प्लास्टिक की बोरी, तराजू, मांस काटने का औजार (कट्टा) और लकड़ी के गुटके बरामद किए गए। बोरी की जांच करने पर उसमें जंगली सुअर का मांस पाए जाने का दावा वन विभाग ने किया।

कुत्ते की मदद से शिकार करने का खुलासा

पूछताछ में अजय सारथी ने कथित तौर पर बताया कि उसके चाचा छब्बीलाल सारथी ने कोनी-बेंचा डैम के पास जंगल क्षेत्र में पालतू कुत्ते की मदद से जंगली सुअर के बच्चे का शिकार किया था। इसके बाद दोनों ने मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर बेचने की तैयारी की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने कथित शिकार में शामिल दोनों आरोपियों के साथ-साथ मांस खरीदने पहुंचे पांच अन्य ग्राहकों को भी गिरफ्तार किया।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई

वन विभाग के अनुसार मामले में *वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972, संशोधित 2022* की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में *POR क्रमांक 16428/25* दर्ज कर जप्ती और पंचनामा की कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद सभी सात आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए गए।

शिकारियों और खरीदारों दोनों पर कसा शिकंजा

वन विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि वन्यजीवों के शिकार के साथ-साथ उनके मांस की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों पर भी कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने वन्यजीव अपराधों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जंगल और वन्यप्राणियों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्रवाई में अर्जुनी परिक्षेत्र अधिकारी पार्थ शर्मा, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी भगवत प्रसाद श्रीवास, भर लाल साहू, वन परिसर रक्षक संदीप माथुर और प्रवीण आदिले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वन्यप्राणियों के शिकार, मांस की बिक्री या अवैध वन्यजीव व्यापार से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल विभाग को दें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव अपराधों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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