भाटापारा,शासकीय प्राथमिक विद्यालय लमती में बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ने के लिए विद्यार्थी बचत बैंक शुरू किया गया है। उद्देश्य बच्चों के जेब खर्च के पैसे सुरक्षित रखना है। बचपन से बचत की आदत डालना है। बच्चों को वित्तीय रूप से जागरूक बनाना है। योजना पूरी तरह वैकल्पिक है। इसमें कोई अनिवार्यता नहीं रखी गई है।
कार्यक्रम शिक्षक कन्हैया साहू की परिकल्पना और मार्गदर्शन में शुरू हुआ। संस्था प्रमुख और प्रधानपाठक मुकेश वर्मा के नेतृत्व में संचालन हो रहा है। शिक्षक तिरिथ बांधे और मोहन ध्रुव का सहयोग मिल रहा है। पैसों का सटीक और पारदर्शी हिसाब रखने के लिए बच्चों को व्यक्तिगत पासबुक दी गई है। बचत बैंक प्रभारी के पास खाताबही रजिस्टर भी रखा जा रहा है।
इससे लेनदेन में दोहरी सुरक्षा बनी रहती है। इस व्यवस्था से बच्चे छोटे-छोटे पैसे सुरक्षित रखना सीख रहे हैं। फिजूलखर्ची रोकने की समझ बन रही है। बच्चे बाजार के अस्वास्थ्यकर जंक फूड और चटपटी चीजों पर खर्च कम कर रहे हैं। बचत की ओर आकर्षित हो रहे हैं। रोज जमा और निकासी के हिसाब से गणितीय क्षमता मजबूत हो रही है। जोड़-घटाव की व्यावहारिक समझ बढ़ रही है। स्कूल के इस छोटे बैंक से बच्चे कम उम्र में पासबुक और बैंक की सामान्य कार्यप्रणाली से परिचित हो रहे हैं। इस प्रयोग की सराहना पालक और स्थानीय ग्रामीण कर रहे हैं।








