वीर बलिदानी गुरु बालकदास को नमन करने उमड़ा जनसैलाब, भटगांव पंथी दल की प्रस्तुति ने मोहा मन वही जय सतनाम के जयघोष से गूंजा शहर, विधायक पुन्नूलाल मोहले हुए शामिल, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत

संदीप यादव मुंगेली। वीर बलिदानी गुरु बालकदास जी की जयंती के पावन अवसर पर सतनामी समाज एवं छत्तीसगढ़ सतनाम महासंघ के तत्वावधान में मुंगेली जिला मुख्यालय में भव्य शोभायात्रा और जयंती समारोह का आयोजन किया गया। सुबह से ही सतनाम के जयघोष के साथ पूरा शहर भक्तिमय और उत्साह से सराबोर हो गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सतनाम भवन में जैतस्तंभ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई। समाज के वरिष्ठजनों और पदाधिकारियों ने जैतस्तंभ पर ध्वज चढ़ाकर सुख-समृद्धि और एकता की कामना की। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में ताशा पार्टी, डीजे, अखाड़ा दल और सफेद ध्वज लहराते हुए श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों – सतनाम भवन से प्रारंभ होकर पुराना बस स्टैंड, गोल बाजार, पड़ाव चौक होते हुए वापस सतनाम भवन पहुंची।

शोभायात्रा का जगह-जगह विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और राजनीतिक दलों द्वारा स्वागत पंडाल लगाकर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल मुंगेली के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भी बैनर लगाकर शोभायात्रा का आत्मीय स्वागत किया।

भटगांव पंथी दल की प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र

जयंती समारोह में मुख्य आकर्षण का केंद्र भटगांव पंथी पार्टी की प्रस्तुति रही। लक्ष्मीकांत जड़ेजा के नेतृत्व में पंथी दल ने एक से बढ़कर एक मनमोहक पंथी नृत्य की प्रस्तुति दी। पिरामिड बनाकर और तेज गति से चक्राकार नृत्य कर कलाकारों ने सभी का मन मोह लिया। पंथी नृत्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े रहे।

विधायक पुन्नूलाल मोहले ने किया नमन –

शोभायात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले शामिल हुए। उन्होंने मंच से वीर बलिदानी गुरु बालकदास जी के बलिदान और उनके द्वारा दिखाए गए सत्य और अहिंसा के मार्ग को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु बालकदास जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन आज भी हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। विधायक ने भटगांव पंथी पार्टी की प्रस्तुति की जमकर सराहना की।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सतनाम महासंघ के पदाधिकारी विकास खांडेकर, संजीत बनर्जी, अक्षय लहरे, कमल जांगड़े, जितराय खांडेकर, केशव जांगड़े, सहित सतनामी समाज के सैकड़ों महिला-पुरुष, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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