रायपुर। छत्तीसगढ़ में TET का मामला सेट होता दिख रहा है। शिक्षक संघ के आंदोलन के बीच आज स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने संघ के पदाधिकारियों से मुलाकात और बैठक की। बैठक के बाद मंत्री ने संघ को यह आश्वसत कर दिया है कि शिक्षकों की नौकरी नहीं जाएगी, लेकिन उन्हें विभागीय परीक्षा देनी होगी। यह परीक्षा मध्यप्रदेश की तर्ज पर आयोजित की जा सकती है।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया गया है। इस अनिवार्यता की वजह से प्रदेश के 80 हजार गैर TET पास शिक्षकों के सामने परेशानियां खड़ी हो गई है। इसके निराकरण को लेकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। 25 अगस्त को प्रदेशभर में शिक्षक संघ ने टीईटी की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और राज्य सरकार से यह मांग की कि इसका समाधान निकाला जाए।इसी कड़ी में शिक्षक संघ और स्कूल शिक्षा मंत्री के बीच रायपुर में एक अहम मुलाकात हुई। इस मुलाकात में संघ ने अपनी मांगों से शिक्षा मंत्री को अवगत कराया। शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा, छत्तीसगढ़ में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को लेकर शिक्षक संगठनों के आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शिक्षक नेताओं से चर्चा की। करीब आधे घंटे चली बैठक में मंत्री ने विभागीय टीईटी के लिए सहमति दी है। यह परीक्षा सामान्य टीईटी से अलग शिक्षा विभाग द्वारा विभागीय स्तर पर आयोजित की जाएगी, जिसमें सिर्फ शिक्षक शामिल होंगे। मंत्री ने अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश दिए है। साथ ही 2028 तक किसी भी शिक्षकों को नौकरी से बाहर नहीं किया जाएगा। बैठक में शिक्षक प्रांतीय अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे, संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय संचालक व संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष केदार जैन, टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय शर्मा सहित अन्य नेता शामिल हुए।














