बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक्सपायरी खाद्य सामग्री को खुले में फेंके जाने का मामला सामने आया है। चिखलाकसा नगर पंचायत क्षेत्र में चिखलाकसा-सिंगनवाही मार्ग पर प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय के पास बड़ी संख्या में एक्सपायरी बिस्किट के पैकेट मिलने से हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि किसी डीलर या दुकानदार द्वारा बड़ी मात्रा में खराब हो चुकी खाद्य सामग्री को खुले में डंप किया गया है। मामले की जांच की मांग खाद्य विभाग और प्रशासन से की गई है। जानकारी के अनुसार, चिखलाकसा-सिंगनवाही मार्ग पर बरसाटोला रोड की कच्ची सड़क किनारे लगभग 400 से 500 बिस्किट के पुड़े पड़े हुए मिले। स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्रत्येक पुड़े में करीब 12 पैकेट होते हैं।
इस हिसाब से मौके पर लगभग 6 हजार बिस्किट पैकेट होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इन बिस्किट पैकेटों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 30 हजार रुपये हो सकती है। मौके पर मिले बिस्किट जुबिलो और मोई-मोई कंपनी के बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार सभी पैकेट सीलबंद अवस्था में थे और अलग-अलग फ्लेवर के बिस्किट शामिल थे। जब कुछ पैकेटों को खोलकर देखा गया तो उन पर अलग-अलग एक्सपायरी डेट दर्ज मिली। इनमें 6 फरवरी 2026, 19 फरवरी 2026 और 10 मई 2026 की तारीख अंकित थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क किनारे फेंके गए इन बिस्किटों को गाय और कुत्ते खाते हुए दिखाई दिए। ग्रामीणों का कहना है कि एक्सपायरी खाद्य सामग्री खुले में फेंकने से केवल पर्यावरण को नुकसान नहीं हो रहा, बल्कि पशुओं और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।यह पहली बार नहीं है जब इस स्थान पर एक्सपायरी बिस्किट फेंके गए हैं। उनके अनुसार, इससे पहले भी इसी जगह पर इसी कंपनी के बिस्किट के पैकेट डंप किए जा चुके हैं। उन्होंने आशंका जताई कि किसी व्यापारी या डीलर द्वारा खराब हो चुकी खाद्य सामग्री को यहां लाकर लगातार फेंका जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी चिंता जताई कि यदि सीलबंद पैकेट किसी व्यक्ति के हाथ लग जाते हैं तो उन्हें दोबारा बाजार में बेचने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायरी बिस्किट किसने और किस उद्देश्य से यहां फेंके। उसे नियमों के अनुसार नष्ट किया जाना चाहिए था। सड़क किनारे खुले में फेंकना उचित नहीं है। इससे जहां गंदगी फैल रही है, वहीं पशुओं के लिए भी यह नुकसानदायक हो सकता है। ग्रामीणों ने खाद्य विभाग, नगर पंचायत और पुलिस प्रशासन से मौके पर पहुंचकर सामग्री को जब्त करने और नियमानुसार नष्ट कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने जिम्मेदार व्यक्ति या संस्था की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग भी उठाई है। मामले को लेकर खाद्य विभाग की ओर से कहा गया है कि जल्द ही जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग यह पता लगाने का प्रयास करेगा कि एक्सपायरी बिस्किट किसके द्वारा यहां फेंके गए और इसके पीछे क्या कारण है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सपायरी खाद्य सामग्री का निपटान निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। इसे खुले स्थानों पर फेंकना नियमों के खिलाफ हो सकता है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस मामले में जिम्मेदारी किसकी तय होती है और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।






