रायपुर। सावन के पवित्र महीने के दौरान सोशल मीडिया पर आराध्य देवताओं को लेकर कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला सामने आने के बाद राजधानी रायपुर में माहौल गर्मा गया। इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और पदाधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए देर रात सिविल लाइन थाना पहुंचकर संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। वहीं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन करते हुए कथित अभद्र टिप्पणी करने वाले एक व्यक्ति के घर का घेराव किया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हंसराज गोयल नामक व्यक्ति द्वारा आराध्य देवताओं को लेकर एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए जाने का आरोप लगाया गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस पोस्ट पर अरुण पन्नालाल नामक व्यक्ति ने भी अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। दोनों व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपा नेताओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि वर्तमान समय सावन का पवित्र महीना है, जब करोड़ों श्रद्धालु भगवान शिव सहित अन्य आराध्य देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे समय में सोशल मीडिया पर इस प्रकार की कथित अभद्र टिप्पणियां समाज में तनाव पैदा कर सकती हैं और लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि पोस्ट और टिप्पणी की भाषा इतनी आपत्तिजनक है कि उसे सार्वजनिक रूप से दोहराया भी नहीं जा सकता।भाजपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए, संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट और कमेंट का तकनीकी विश्लेषण कराया जाए तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। इधर, मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कथित आरोपी अरुण पन्नालाल के घर का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी भी की गई। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा और किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं होने दी। एहतियात के तौर पर संबंधित क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट और उससे जुड़े कमेंट की जांच की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, आपत्तिजनक या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री साझा करने से बचें। पुलिस ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने या विवादित सामग्री को बिना पुष्टि के आगे साझा करने से बचना चाहिए। यदि किसी को ऐसी कोई आपत्तिजनक पोस्ट दिखाई देती है तो उसे स्वयं प्रतिक्रिया देने के बजाय संबंधित पुलिस थाने या साइबर सेल को सूचना देनी चाहिए, ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा सके। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस शिकायतों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है।






