- शिक्षक, समाजसेवी और संगठनकर्ता के रूप में बनाई अलग पहचान, बोले– सेवानिवृत्ति नौकरी से होती है सेवा से नहीं
डोंगरगांव (घनश्याम साव)शिक्षा के क्षेत्र में 43 वर्षों तक उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुमरदा के सेवानिवृत्त व्याख्याता मिलाप दास साहू तथा सेवानिवृत्त प्रधान पाठक उषा लाल को बुधवार को विद्यालय परिवार द्वारा गरिमामय समारोह में भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, विद्यार्थी, पूर्व विद्यार्थी, पालक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों के दीर्घकालीन योगदान को याद करते हुए शाल, श्रीफल, पुष्पमाला एवं स्मृति-चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत सदस्य पिंकी देव पन्द्रो ने की। समारोह में सरपंच नूनकरण भुआर्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रशांत चिर्वतकर, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक विरेन्द्र साहू, पूर्व सरपंच दिनेश ठाकुर, एसएमसी अध्यक्ष गनसू कोलियारे, कांतिलाल साहू, ललित साहू, उपसरपंच विजय कोसमा, ग्राम प्रमुख लक्ष्मीनारायण साहू, हकीम खान, नवीन साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
विदाई समारोह को संबोधित करते हुए मिलाप दास साहू ने कहा कि शिक्षक का वास्तविक सम्मान उसके विद्यार्थियों की सफलता, उनके संस्कार और समाज में उनके योगदान से होता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय उनके लिए केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि एक परिवार रहा है। विद्यार्थियों से उन्होंने ईमानदारी, अनुशासन, परिश्रम और गुरुजनों के सम्मान को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा, “सेवानिवृत्ति केवल सरकारी सेवा से होती है, समाज और शिक्षा की सेवा कभी समाप्त नहीं होती।”
सेवानिवृत्त प्रधान पाठक उषा लाल ने विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों का स्नेह और सहयोगियों का अपनापन ही उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि संस्कारवान नागरिक तैयार कर समाज निर्माण में योगदान देना भी है।
शिक्षा के साथ समाज सेवा में भी निभाई अग्रणी भूमिका
मिलाप दास साहू ने अपने शिक्षकीय जीवन के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। वे आमगांव ग्रामीण साहू समाज के सचिव एवं अध्यक्ष रहे। बादराटोला परिक्षेत्र साहू समाज के सह-सचिव, तहसील साहू संघ छुरिया के लगातार आठ वर्षों तक अध्यक्ष तथा वर्तमान में तहसील साहू संघ कुमरदा के अध्यक्ष के रूप में समाज को संगठित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसके अतिरिक्त वे जिला साहू संघ राजनांदगांव के न्याय प्रकोष्ठ संयोजक की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
जनभागीदारी से विद्यालय को दिलाई नई पहचान
वर्ष 2002 से 2009 तक जनभागीदारी समिति आमगांव के अध्यक्ष रहते हुए मिलाप दास साहू ने हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालय के संचालन और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व एवं जनसहयोग से विद्यालय के शासकीयकरण की प्रक्रिया सफल हुई, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का स्थायी आधार मिला। शिक्षा और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में उनके योगदान को आज भी क्षेत्रवासी सम्मानपूर्वक याद करते हैं।
समारोह में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि मिलाप दास साहू और उषा लाल ने अपने पूरे सेवाकाल में शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और संस्कारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके कार्य और व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। समारोह का समापन दोनों सेवानिवृत्त शिक्षकों के स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय जीवन की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।






