बलौदा बाजार,सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन कार्ड बनवाने, परिवार के सदस्यों के नाम जोड़ने या हटाने समेत अन्य ऑनलाइन सेवाओं में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य में राशन कार्ड के मौजूदा डेटाबेस को केंद्र सरकार के स्मार्ट-पीडीएस/ सार्थ क-पीडीएस से जोड़ा जा रहा है। इसके चलते सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से राशन कार्ड से संबंधित ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया फिलहाल बंद है। ऐसे में नया राशन कार्ड बनवाने या पुराने कार्ड में संशोधन कराने वाले लोगों को अभी करीब एक सप्ताह और इंतजार करना पड़ेगा।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय के निर्देश के अनुसार राज्य के राशन कार्ड डेटाबेस को केंद्रीय प्रणाली से एकीकृत करने का काम चल रहा है। एकीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक सेवा सेतु पोर्टल पर राशन कार्ड से संबंधित नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसका सीधा असर चॉइस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और ऑनलाइन माध्यम से राशन कार्ड संबंधी आवेदन करने वाले नागरिकों पर पड़ा है। नई व्यवस्था में राशन कार्ड की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक डिजिटल होगी। आवेदन स्वीकृत होने के बाद डिजिटल राशन कार्ड ऑनलाइन जनरेट किया जा सकेगा।
हितग्राही इसे मोबाइल में डाउनलोड करने के साथ डिजिलॉकर में भी सुरक्षित रख सकेंगे। इससे राशन कार्ड की हार्ड कॉपी साथ रखने की अनिवार्यता कम होगी और जरूरत पड़ने पर डिजिटल दस्तावेज का उपयोग किया जा सकेगा। राशन के आवंटन से वितरण तक निगरानी: स्मार्ट-पीडीएस के जरिए राशन के कोटा आवंटन, खाद्यान्न के उठाव और हितग्राहियों को वितरण की प्रक्रिया की रियल टाइम निगरानी की जा सकेगी। पारदर्शिता बढ़ेगी। एकीकरण की प्रक्रिया के कारण फिलहाल नागरिक चॉइस सेंटर और लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से राशन कार्ड से संबंधित नए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकेंगे। नया राशन कार्ड बनवाने के अलावा परिवार के सदस्य का नाम जोड़ने, हटाने अथवा कार्ड में अन्य संशोधन कराने वालों को सेवा बहाल होने का इंतजार करना होगा।
अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिकों को अलग से किसी नए फॉर्म या पंजीयन की जरूरत नहीं होगी। पहले से उपलब्ध राशन कार्ड और हितग्राहियों का डेटा केंद्रीय सिस्टम में एकीकृत किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशन कार्ड संबंधी ऑनलाइन सेवाएं फिर शुरू की जाएंगी। नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण लाभ वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना को मजबूत करना होगा। दूसरे राज्य में काम करने या रहने वाले छत्तीसगढ़ के हितग्राही भी अपने राशन कार्ड के जरिए देश के किसी भी सरकारी राशन दुकान से पात्रता के अनुसार खाद्यान्न ले सकेंगे।
इससे खासकर प्रवासी श्रमिकों राहत मिलेगी। अब तक छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड की व्यवस्था सेवा सेतु पोर्टल और राज्य स्तर के मॉड्यूल के माध्यम से संचालित होती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य के राशन कार्ड का डेटा केंद्र सरकार के स्मार्ट-पीडीएस से जुड़ जाएगा। इसका उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत करना है। डेटा के केंद्रीय सिस्टम से जुड़ने के बाद फर्जी और दोहरे राशन कार्ड की पहचान करना आसान होगा। अलग-अलग स्थानों पर एक ही व्यक्ति या परिवार के नाम से दर्ज कार्डों की जानकारी का मिलान किया जा सकेगा। इससे पात्र हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराने और अपात्र लोगों को बाहर करने में मदद मिलेगी।














