संदीप यादव मुंगेली ।लोरमी विकासखंड के सुदूर बैगा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला गुनापुर, संकुल केंद्र डोलगी आज शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और समर्पण की मिसाल बनकर उभर रहा है। यहां पदस्थ शिक्षक रघुनाथ राठौर ने वर्ष 2006 में शिक्षकीय सेवा शुरू की, तब से ही दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने विद्यालय को बेहतर बनाने का संकल्प लिया।
बरसात में 4 किमी पैदल, फिर भी नहीं रुके कदम –
गुनापुर पहुंचने के लिए आज भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में करीब चार किलोमीटर पैदल नाला पार कर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। इसके बावजूद शिक्षक श्री राठौर ने कभी परिस्थितियों को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। जब कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में स्कूल-कॉलेज बंद थे, तब उन्होंने बच्चों की पढ़ाई को रुकने नहीं दिया। ऑनलाइन पढ़ाई के साथ ऑफलाइन मोहल्ला कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखा। कोरोना के दूसरे चरण में गांव की दीवारों पर प्रिंट रिच सामग्री तैयार कराई गई, ताकि बच्चे स्कूल बंद रहने के दौरान भी पढ़ाई से जुड़े रहें।
वेतन से भी खर्च कर बदली स्कूल की तस्वीर –
विद्यालय की सुंदरता और नवाचार के माध्यम से बच्चों को बेहतर भविष्य बनाने के लिए शिक्षक रघुनाथ वेतन से खर्च करने से गुरेज नहीं करते। विद्यालय परिसर को आकर्षक और उपयोगी बनाने के लिए करीब 250 ट्रैक्टर मिट्टी एवं मुरुम डलवाकर मैदान का समतलीकरण कराया गया। परिसर के चारों ओर क्यारियां तैयार कर विभिन्न प्रकार के फलदार, औषधीय एवं सजावटी पौधे लगाए गए हैं। पौधों की देखभाल और सिंचाई के लिए शिक्षक ने अपने खर्च से करीब 1100 फीट पाइपलाइन बिछवाई है। विद्यार्थियों के मनोरंजन एवं शारीरिक विकास के लिए झूला, खिलौने और फिसलपट्टी भी लगाई गई है। कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए टेबल-कुर्सी की व्यवस्था की गई है और स्मार्ट टीवी से पढ़ाई कराई जा रही है।
विद्यालय में तैयार होता है बच्चों का पौष्टिक भोजन –
शाला परिसर में आदर्श किचन गार्डन विकसित किया गया है। यहां केला, लौकी, गोभी, बैंगन, मिर्च, कद्दू, लालभाजी और पालक जैसी सब्जियां उगाई जाती हैं। इन सब्जियों का उपयोग विद्यालय में संचालित मध्यान्ह भोजन में किया जाता है, इससे बच्चों को ताजी और पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध हो रही हैं।
स्कूल को मिले कई सम्मान
विद्यालय से पढ़कर निकले विद्यार्थियों का चयन एकलव्य विद्यालय, कस्तूरबा गांधी विद्यालय और शासन की उड़ान योजना से जुड़े विद्यालयों में हुआ है। सत्र 2023-24 में विद्यालय ने स्कूल लीडरशिप के तहत राज्य स्तर पर सहभागिता की। सत्र 2024-25 में विद्यालय के एक छात्र का राज्य स्तरीय पठन महोत्सव के लिए चयन हुआ।
शिक्षक रघुनाथ राठौर को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 2023 में उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार एवं शिक्षा दूत पुरस्कार, उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा सत्र 2024-25 में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह द्वारा वर्ष 2025 में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा वर्ष 2026 में वीर महाराणा प्रताप शिक्षा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया है।
आज उन्हें राजभवन में राज्यपाल द्वारा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षक रघुनाथ ने पुरस्कार के रूप में मिलने वाली राशि से विद्यालय में भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा लगाने की बात कही है।








