बलौदा बाजार/ सेल ,छत्तीसगढ़ प्रदेश सरपंच महासंघ ने ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री के नाम 22 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। महासंघ ने पंचायतों के विकास कार्यों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतें दूर करने की मांग रखी। सरपंचों को अधिक अधिकार देने की बात कही। सुविधाएं बढ़ाने की मांग भी की।
प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव नायक ने कहा, अलग-अलग संभागों में सरपंचों के साथ बैठकों के बाद पंचायत संचालन में सामने आई समस्याओं को संकलित किया गया। इसी आधार पर मांग पत्र तैयार हुआ।
मांग पत्र में सरपंचों का मासिक मानदेय 4,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने की मांग शामिल है। महासंघ ने कहा, महंगाई के कारण कई बार पंचायत कार्यों में निजी खर्च करना पड़ता है। महासंघ ने 16वें वित्त आयोग की राशि तत्काल ग्राम पंचायतों को जारी करने की मांग की। पेयजल, स्ट्रीट लाइट, नाली, सीसी रोड जैसे मूलभूत कार्यों के लिए जनसंख्या के अनुपात में प्रति वर्ष 2 लाख से 5 लाख रुपये तक सरपंच निधि देने का प्रस्ताव रखा। खनन प्रभावित पंचायतों को डीएमएफ फंड का प्रत्यक्ष और समान लाभ देने की मांग भी की।
मांग पत्र में पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, अन्य कर्मचारियों के स्थानांतरण, अवकाश में सरपंच की सहमति अनिवार्य करने की मांग रखी गई। कर्मचारियों की सीआर में अभिमत का अधिकार देने की बात कही गई। रिक्त पद शीघ्र भरने की मांग भी रखी गई। सरपंचों के लिए कार्यकाल के दौरान 1 करोड़ रुपये का जीवन व दुर्घटना बीमा प्रस्तावित किया गया।








