राजनांदगांव।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के विशेष अवसर पर गुरुवार की शाम शहर में एक अभूतपूर्व और अलौकिक नजारा देखने को मिला, जब पूरा क्षेत्र लाखों दीपों की गगनचुंबी रोशनी से सराबोर हो उठा। इस गौरवमयी और ऐतिहासिक मौके पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत शहर के प्रमुख स्थलों को एक नए और भव्य स्वरूप में बदल दिया गया। उत्सव का मुख्य केंद्र रहे ऐतिहासिक रानी सागर, बूढ़ा सागर और प्राचीन मां शीतला मंदिर परिसर को दीपों से इस तरह सजाया गया था कि चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ दिव्यता बिखरी नजर आ रही थी। जैसे ही शाम ढली, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के सहयोग से जनभागीदारी की एक अनूठी मिसाल पेश की गई। देखते ही देखते पूरे परिसर में करीब एक लाख मिट्टी के दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे हजारों दीपों की कतारों ने अंधेरे को पूरी तरह चीर दिया और तालाबों के पानी में उनकी लहराती परछाई ने दृश्य को और भी विहंगम बना दिया।मां शीतला मंदिर परिसर में इस पावन अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती का आयोजन भी किया गया, जिसमें भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। दीपों की इस भव्य कतार को देखने और इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए पूरे शहर से हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े थे। इस महा-दीपोत्सव और धार्मिक अनुष्ठान के गरिमामय संपन्न होने के बाद, उत्सव का उत्साह आसमान तक पहुंच गया जब रानी सागर के तट से भव्य आतिशबाजी शुरू हुई। आसमान में रंग-बिरंगे पटाखों की गूंज और रोशनी की सतरंगी छटा ने इस पूरे मांगलिक आयोजन में चार चांद लगा दिए। सेवा और समर्पण के इस संदेश के साथ मनाया गया यह दीपोत्सव न केवल प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान को दर्शाता है, बल्कि इसने पूरे शहर को एक सूत्र में पिरोकर एक यादगार उत्सव के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ दी है।
लाखों दीपों की रोशनी से जगमगा उठा शहर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन








