बलौदा बाजार। भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी को शादी का प्रलोभन देकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी मनीष डोंडे को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश भाटापारा सतीश कुमार जायसवाल की अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी के अनुसार, पीड़िता की मां ने 15 जुलाई 2024 को भाटापारा ग्रामीण थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि 15 वर्षीय किशोरी 6 जुलाई 2024 को सुबह करीब 11 बजे स्कूल जाने के लिए निकली थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी और उसका मोबाइल फोन भी बंद था।
स्कूल के पास से ले जाकर किया था दुष्कर्म
घटना के अगले दिन सुबह करीब 9 बजे किशोरी घर पहुंची और परिजनों को जानकारी दी। किशोरी ने बताया कि मनीष डोंडे स्कूल के गेट के पास पहुंचा और धमकी देकर उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर मदकूदीप ले गया। मंदिर के पास बातचीत के बाद जब किशोरी ने घर छोड़ने की बात कही, तब आरोपी उसे पास के एक घर में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके साथ ही आरोपी पर मोबाइल से वीडियो बनाने का भी आरोप था।
जांच के बाद अदालत ने तय की सजा
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। पीड़िता और गवाहों के बयान दर्ज करने, घटनास्थल का मुआयना करने और आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद सहायक उपनिरीक्षक पुष्पा राठौर ने विवेचना पूरी कर अदालत में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक ने अदालत में साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत कर आरोपी के लिए सख्त सजा की मांग की।
साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मनीष डोंडे को बीएनएस की धारा 137(2) में 3 वर्ष, धारा 87 में 5 वर्ष और धारा 351(2) में 2 वर्ष के कठोर कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया। वहीं पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ भुगताई जाएंगी।








