छत्तीसगढ़ी राजकाज और जन-जन की भाषा बने, राजभाषा आयोग की बैठक में उठा मुद्दा

भाटापारा ,छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का 10वां प्रांतीय अधिवेशन होटल द किंग्स महल बेमेतरा में संपन्न हुआ। सम्मेलन में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के समन्वयक अजय अमृतांशु की अगुवाई में जिले से 16 साहित्यकार शामिल हुए। 8 सत्रों में हुए प्रांतीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों से करीब 500 साहित्यकार पहुंचे। नगर के साहित्यकार अजय अमृतांशु ने सत्र छत्तीसगढ़ी म गद्य साहित्य अउ अनुवाद की परंपरा का संचालन किया। कन्हैया साहू अमित ने बाल साहित्य पर वक्तव्य दिया। अधिवेशन छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा की अगुवाई में हुआ। सचिव डॉ अभिलाषा बेहार भी मौजूद रहीं। साहित्यकारों ने छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास, संरक्षण, संवर्धन पर गंभीर चिंतन किया।

दो दिवसीय सम्मेलन में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से चोवाराम वर्मा बादल, मनीराम साहू मितान, अनिल जांगड़े गौतरिहा, कौशल कुमार साहू, जगदीश हीरा साहू, डॉ दिनेश उपाध्याय, इन्द्राणी साहू, राज गुप्ता, मोहन निषाद, डॉ सीमा अवस्थी, भागवत चंद्राकर, मथुरा प्रसाद वर्मा, दिलेश फेकर, राजेंद्र निर्मलकर, केशव साहू ने हिस्सा लिया।

 

Hot Topics

Related Articles