बिलासपुर:- एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में जीआरपी बिलासपुर के बर्खास्त आरक्षक संतोष कुमार राठौर के खिलाफ सोमवार को विशेष न्यायाधीश, पीसी एक्ट बिलासपुर के न्यायालय में चालान पेश किया। एसीबी की जांच में आरक्षक की घोषित आय की तुलना में उसका व्यय अधिक पाया गया है।
एसीबी के अनुसार संतोष कुमार राठौर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने की जानकारी मिलने पर धारा 13(1)बी और 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके बाद एक दिसंबर 2024 को एसीबी की टीम ने उसके निवास और अन्य ठिकानों पर छापे की कार्रवाई की थी। जांच के दौरान एसीबी ने आरक्षक की आय और व्यय से संबंधित दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य जुटाए।
जांच में उसकी आय 46 लाख आठ हजार 341 रुपये तथा व्यय 62 लाख 28 हजार 137 रुपये पाया गया। इस तरह आय की तुलना में 16 लाख 19 हजार 796 रुपये अधिक व्यय सामने आया। एसीबी के मुताबिक साक्ष्यों के आधार पर संतोष राठौर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का अपराध पाए जाने पर अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की गई। इसके बाद सोमवार को न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया।
एनडीपीएस मामले में जेल में बंद है पूर्व आरक्षक
संतोष कुमार राठौर के खिलाफ गांजा तस्करी से जुड़े मामले में भी कार्रवाई हो चुकी है। जीआरपी बिलासपुर में पदस्थापना के दौरान उस पर अन्य आरक्षक साथियों के साथ ट्रेन में गांजा तस्करी करने वालों को पकड़ने के बाद गांजा अपने पास रख लेने और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं करने के बदले उनसे पैसे वसूलकर आपस में बांटने का आरोप लगा था।
इस मामले में जीआरपी थाना बिलासपुर में धारा 20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। बाद में जांच एसीसीयू को सौंपी गई। जांच पूरी होने पर चालान विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट के न्यायालय में पेश किया गया। इस मामले में पूर्व आरक्षक संतोष राठौर वर्तमान में केंद्रीय जेल में बंद है।
आपराधिक आचरण के आरोप में सेवा से बर्खास्त
एनडीपीएस एक्ट के इसी मामले में कार्रवाई के बाद पुलिस अधीक्षक रेल छत्तीसगढ़ ने संतोष कुमार राठौर को सेवा से पृथक कर दिया था। विभागीय कार्रवाई में उसके खिलाफ आपराधिक आचरण प्रदर्शित करने का आरोप सामने आया। पुलिस अधीक्षक रेल द्वारा 19 नवंबर 2024 को उसे सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया गया। इस तरह राठौर के खिलाफ विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई हो चुकी है, जबकि अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी ने न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया है।






