सरगुजा :  बिना अनुमति पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई, वन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

जियाउल खान लखनपुर /सरगुजा ।


  • सिमर, यूकेलिप्टस, आम समेत विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों पर चल रही आरी—परमिशन के नाम पर परिवहन और बिक्री का भी आरोप

लखनपुर विकासखंड के विभिन्न गांवों में बिना अनुमति पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में सेमर, यूकेलिप्टस, आम, सहित अन्य प्रजातियों के पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई की जा रही है। कटाई के बाद लकड़ियों को ट्रकों के माध्यम से दूसरे क्षेत्रों में ले जाकर बिक्री कर मोटी कमाई लकड़ी तस्करों द्वारा की जा रही है। दरअसलपुरा मामला लखनपुर क्षेत्र के ग्राम कटिंदा और ग्राम लोसगी का है जहा तस्करों के द्वारा किसानों को झांसे में लेकर बिना अनुमति आरा मशीनों से आम पेड़ों की कटाई की गई है। और बिना टीपी परमिशन के ट्रक में लड़कियों को लोडकर परिवहन की तैयारी की जा रही है। वही लकड़ी तस्कर टीपी परमिशन के लिए कार्यालय का चक्कर लगाकर अधिकारियों से सेटिंग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर पेड़ों की कटाई के लिए संबंधित विभाग से विधिवत अनुमति नहीं ली जा रही है। इसके बावजूद कटाई के बाद लकड़ियों के परिवहन के लिए आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी किए जाने का दावा किया जा रहा है। इससे पूरे मामले में मिलीभगत और कथित सेटिंग के आरोप लग रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर अवैध रूप से काटे जा रहे पेड़ों और लकड़ी के परिवहन पर कार्रवाई की मांग की है।

जांच से सामने आ सकता है पूरा मामला

ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग द्वारा क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और लकड़ी परिवहन से संबंधित अनुमति, परमिट तथा दस्तावेजों की जांच की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर अवैध कटाई पर रोक लगाने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

प्रभारी SDM रामराज सिंह

इस संबंध में प्रभारी SDM रामराज सिंह से चर्चा करने पर उनके द्वारा बताया गया कि आज आया हु इस संबंध में जानकारी कल बताऊंगा। पुलिस को सूचना देता हु।

तत्कालीन एसडीएम फ़ागेश सिन्हा

इस संबंध में उदयपुर तत्कालीन एसडीएम फागेश सिन्हा से बात करने पर उनके द्वारा कहा गया कि मेरा ट्रांसफर हो गया है मैं बलौदा बाजार में हूं मुझे इसकी जानकारी नहीं है। वहां के मौजूद एसडीम से इस संबंध में बात कर ले मुझे इसकी जानकारी नहीं है।

रेंजर रामनिवास दहायत

इस संबंध में रेंजर रामनिवास से बात करने पर उनके द्वारा बताया गया कि एसडीएम से परमिशन लिया गया है टीपी परमिशन के लिए सतेंद्र यादव के द्वारा आवेदन वन विभाग कार्यालय लखनपुर में दिया गया है। परमिशन के लिए पत्र को एसडीओ कार्यालय भेजा जाएगा।

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