कमलकांत पाटनवार
बाघों के जंगल के नाम से मशहूर अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) में पर्यटन सीजन की शुरुआत होने जा रही है। एक नवंबर से ATR के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे। लंबे ब्रेक के बाद पर्यटक फिर जंगल सफारी और बाघों के दीदार का रोमांच ले सकेंगे, जिससे प्रदेश के पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी।
बिलासपुर/अचानकमार
बिलासपुर वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताने के इच्छुक पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। अचानकमार टाइगर रिजर्व में आगामी एक नवंबर से जंगल सफारी शुरू होने जा रही है। इसके साथ ही पर्यटक एक बार फिर घने जंगल, प्राकृतिक खूबसूरती और वन्यजीवों की रोमांचक दुनिया को करीब से देखने का आनंद ले सकेंगे।
पर्यटकों की सुविधा के लिए टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने सफारी वाहनों, अग्रिम बुकिंग और ठहरने की व्यवस्था की है। यहां जिप्सी के अलावा ‘महारानी’ और ‘योद्धा’ नामक वाहनों से जंगल की सैर करने का अवसर मिलेगा।
सफारी के साथ ठहरने की भी सुविधा
अचानकमार घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए शिवतराई स्थित बैगा रिसार्ट में ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध है। यहां 14 सामान्य और चार प्रीमियम कमरे हैं। जंगल सफारी के साथ रिसार्ट में ठहरकर पर्यटक प्राकृतिक वातावरण का अनुभव ले सकते हैं। प्रबंधन ने सफारी, रिसार्ट और पर्यटन संबंधी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट भी जारी की है।
914 वर्ग किमी में फैला है वन्यजीवों का संसार
अचानकमार टाइगर रिजर्व लगभग 914.017 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। वर्ष 2009 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। यहां बाघ, गौर, तेंदुआ, भालू, कोटरी, चीतल, जंगली सूअर, सोनकुत्ता और सियार सहित कई वन्यजीव पाए जाते हैं। घने जंगल, विविध वनस्पतियां और समृद्ध जैव विविधता इस क्षेत्र को खास बनाते हैं। जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
बुकिंग और जानकारी के लिए संपर्क नंबर जारी
सफारी बुकिंग एवं पर्यटन संबंधी जानकारी के लिए संपर्क नंबर एटीआर प्रबंधन ने जारी किया है। वहीं बुकिंग काउंटर और लोकेशन संबंधी जानकारी के लिए नंबर जारी किया गया है। पर्यटकों को सफारी पर आने से पहले आधिकारिक वेबसाइट या संपर्क नंबरों के माध्यम से बुकिंग, उपलब्धता और अन्य जरूरी जानकारियां प्राप्त करने की सलाह दी गई है।






