आरंग में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला, आरोपी गिरफ्तार होकर गया जेल

रायपुर।छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु खुशवंत साहेब के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर की गई आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। इस संवेदनशील मामले में रायपुर की सिविल लाइन थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। सामाजिक और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की इस कोशिश को नाकाम करते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह सफलता हासिल की है।

कांवड़ यात्रा की पोस्ट पर किया गया था अशोभनीय कमेंट

यह पूरा विवाद मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के इंस्टाग्राम हैंडल पर अपलोड की गई एक पोस्ट के बाद शुरू हुआ। इस पोस्ट में चंदखुरी से आरंग तक निकाली गई 71 किलोमीटर लंबी विशाल कांवड़ यात्रा की तस्वीरें और विवरण साझा किए गए थे। कांवड़ यात्रा से जुड़ी इसी पोस्ट के कमेंट सेक्शन में jai_praksh_official_ नामक इंस्टाग्राम आईडी से मंत्री और पूरे सतनामी समाज के खिलाफ बेहद अशोभनीय, अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए टिप्पणियां की गईं, जिससे समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया।

सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर दर्ज हुई प्राथमिकी

इस अपमानजनक टिप्पणी के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सतनामी समाज के लोगों और समर्थकों ने कड़ी आपत्ति जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता ओम प्रकाश बघेल ने रायपुर के सिविल लाइन थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि इस अमर्यादित टिप्पणी से न केवल मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया, बल्कि इससे पूरे सतनामी समाज की धार्मिक और सामाजिक भावनाएं भी गहरी आहत हुई हैं।

भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत पुलिस की सख्त कार्रवाई

लिखित शिकायत मिलने के बाद रायपुर पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं, जिनमें 296, 196 और 353(2) शामिल हैं, के तहत अपराध पंजीकृत किया। उपनिरीक्षक धीरेंद्र बंजारे के नेतृत्व में पुलिस की साइबर टीम ने संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट की तकनीकी जांच शुरू की और आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। इसके बाद पुलिस ने तत्परता से दबिश देकर आरोपी को धरदबोचा।

न्यायालय में पेशी के बाद भेजा गया जेल

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ की और डिजिटल साक्ष्य जुटाने के बाद उसे रायपुर न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने अदालत के समक्ष आरोपी की न्यायिक रिमांड की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए माननीय न्यायालय ने आरोपी को जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए। पुलिस प्रशासन ने इस मामले के बाद सोशल मीडिया यूजर्स को चेतावनी दी है कि किसी भी जनप्रतिनिधि, धर्मगुरु या समाज के खिलाफ इंटरनेट पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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