नशे में वाहन चलाने से आंखों का फोकस, सोचने-समझने की क्षमता और गाड़ी पर नियंत्रण होता है प्रभावित; सुरक्षित सफर के लिए यातायात नियमों का पालन जरूरी
भाटापारा। शराब पीकर वाहन चलाना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि स्वयं की और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जिंदगी के लिए भी गंभीर खतरा है। शराब के नशे में वाहन चलाने से चालक की आंखों का फोकस कमजोर हो जाता है। साथ ही सोचने-समझने, सही समय पर निर्णय लेने और वाहन पर नियंत्रण रखने की क्षमता भी प्रभावित होती है। ऐसी स्थिति में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
एक छोटी सी लापरवाही बन सकती है जानलेवा
शराब के प्रभाव में चालक सड़क पर सामने आने वाले वाहनों, राहगीरों और अन्य बाधाओं का सही आकलन नहीं कर पाता। अचानक ब्रेक लगाने, वाहन मोड़ने या किसी आपात स्थिति में प्रतिक्रिया देने में देरी हो सकती है। इसका परिणाम भीषण सड़क हादसे के रूप में सामने आ सकता है। कई बार ऐसे हादसों में चालक के साथ निर्दोष राहगीरों की जान भी चली जाती है।
परिवार की खुशियों का रखें ध्यान
यातायात सुरक्षा का संदेश देते हुए लोगों से अपील की गई है कि शराब पीकर कभी भी वाहन न चलाएं। यदि शराब का सेवन किया है तो स्वयं वाहन चलाने के बजाय किसी अन्य सुरक्षित साधन का उपयोग करें। कुछ देर की लापरवाही जीवनभर का दर्द बन सकती है।
याद रखें, घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है। अपनी और दूसरों की जिंदगी अनमोल है। नशे में वाहन न चलाएं, यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित घर पहुंचकर अपने परिवार का साथ निभाएं।







