दिल्ली के रामलीला मैदान में गरजा विपक्ष – ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ महारैली में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की उठी मांग

इंडिया गठबंधन की महारैली में उमड़ा जनसैलाब, मुंगेली से भी भारी संख्या में पहुंचे कांग्रेसी, दीपक गुप्ता के नेतृत्व में दिखा दम

संदीप यादव नई दिल्ली/मुंगेली। देश की राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में इंडिया (INDIA) गठबंधन के तत्वावधान में आयोजित विशाल ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ महारैली में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर सवाल उठाते हुए गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की मांग की और ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का नारा बुलंद किया। इस महाआंदोलन में देशभर से लाखों की संख्या में विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे। मंच पर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने रैली को ऐतिहासिक बना दिया।

शीर्ष नेताओं का जोरदार हुंकार

महारैली में छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टी. एस. सिंहदेव (टी. एस. बाबा), मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जितू पटवारी, मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा तथा सरायपाली से विधायक चतुरी नंद डिग्री लाल विशेष रूप से शामिल हुए। नेताओं ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता अब सड़कों पर उतर चुकी है। चुनावी पारदर्शिता से समझौता देश के संविधान के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने आक्रामक और शायराना अंदाज से कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा।

मुंगेली से भी पहुंची मजबूत मौजूदगी

देशव्यापी इस आंदोलन में छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से भी कांग्रेस का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल रामलीला मैदान पहुंचा। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक गुप्ता के नेतृत्व में मुंगेली के कार्यकर्ताओं ने महारैली में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दीपक गुप्ता ने दिल्ली से जारी अपने संदेश में कहा, “यह लड़ाई सिर्फ किसी एक दल की नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के वोट के अधिकार और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। जब तक चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं होती और ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, यह आंदोलन गांव-गांव और शहर-शहर तक जारी रहेगा।”

लोकतंत्र बचाओ का दिया संदेश

रामलीला मैदान में सुबह से ही देश के कोने-कोने से तिरंगे और अपनी-अपनी पार्टियों के झंडे लिए लोगों का जुटना शुरू हो गया था। दोपहर होते-होते पूरा मैदान खचाखच भर गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान “जय कांग्रेस, विजय कांग्रेस” और “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे गूंजते रहे। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि रामलीला मैदान का यह प्रदर्शन आंदोलन का आगाज है, और जब तक जनतंत्र की बहाली नहीं होती, यह संघर्ष जारी रहेगा।

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