बिलासपुर (कमलकांत पाटनवार) केंद्रीय जेल बिलासपुर में एक बार फिर एक कैदी की मौत का मामला सामने आया है। सोमवार को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद कैदी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे पहले जेल अस्पताल में उपचार दिया गया और बाद में गंभीर हालत में सिम्स अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लगातार हो रही कैदियों की मौतों से जेल प्रबंधन की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मृतक की पहचान प्रभु कुमार मनहर 31 वर्ष, पिता राम कुमार मनहर निवासी विद्याडीह टाँगर, पचपेड़ी थाना क्षेत्र के रूप में हुई है। वह वर्ष 2024 से केंद्रीय जेल बिलासपुर में बंद था। उसे पॉक्सो एक्ट के मामले में न्यायालय द्वारा 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी।
दरअसल प्रभु कुमार मनहर पिछले कुछ दिनों से सीने में दर्द की शिकायत कर रहा था। 15 जुलाई से उसका इलाज जेल अस्पताल में चल रहा था।सोमवार को अचानक उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और सीने में तेज दर्द होने पर जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया गया। हालत गंभीर होने पर उसे तत्काल सिम्स रेफर किया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
जेल प्रशासन का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच की जाएगी। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
- एक महीने में चार मौतें,बढ़ती जा रही चिंता
प्रभु कुमार मनहर की मौत कोई अकेली घटना नहीं है। केंद्रीय जेल बिलासपुर में पिछले एक महीने के भीतर यह चौथी मौत है।इस दौरान—
एक कैदी की हत्या हुई,जबकि तीन अन्य कैदियों की मौत बीमारी, फिसलकर गिरने अथवा अन्य संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने जेल के भीतर की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
- स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षा और निगरानी पर उठे सवाल
एक के बाद एक हो रही मौतों के बीच केंद्रीय जेल की चिकित्सा व्यवस्था, बीमार बंदियों की निगरानी,
आपातकालीन स्वास्थ्य प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि यदि कोई बंदी कई दिनों से उपचाराधीन था, तो उसकी स्थिति पर किस स्तर पर निगरानी रखी जा रही थी और स्वास्थ्य बिगड़ने से पहले क्या-क्या चिकित्सीय कदम उठाए गए।
- जेल प्रशासन फिर कठघरे में
पिछले एक महीने में हत्या सहित लगातार चार मौतों ने केंद्रीय जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हर नई घटना के बाद सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब प्रभु कुमार मनहर की मौत के मामले में भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों का इंतजार है, जिनसे मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल केंद्रीय जेल बिलासपुर एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है।
प्रभु कुमार पिछले कुछ दिनों से सीने में दर्द की शिकायत कर रहा था। 15 जुलाई से उसका इलाज जेल अस्पताल में चल रहा था। सोमवार को अचानक दर्द बढ़ने पर उसे प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण तत्काल सिम्स अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
खोमेश मंडावी
जेल अधीक्षक बिलासपुर






