नई दिल्ली।परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहा छात्र आंदोलन फिलहाल थमा नहीं है। हालांकि CJP (छात्र संगठन) के नेताओं ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन संगठन ने साफ कर दिया है कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। CJP का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, विशेष रूप से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों और युवाओं के नाम एक वीडियो संदेश जारी कर उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश की कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। हालांकि सवाल यह है कि क्या इस संदेश से आंदोलनकारी छात्रों का गुस्सा शांत हुआ है या नहीं। अनशन खत्म, लेकिन आंदोलन जारी कई दिनों से चल रहे अनशन के बाद CJP नेताओं ने चिकित्सकों और समर्थकों की अपील पर अपना उपवास समाप्त कर दिया। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह केवल अनशन का समापन है, आंदोलन का नहीं। उनका कहना है कि सरकार की ओर से कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन अभी तक उनकी मुख्य मांगों पर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। इसलिए धरना, प्रदर्शन, हस्ताक्षर अभियान और जनसंपर्क कार्यक्रम पहले की तरह जारी रहेंगे। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम संगठन CJP की सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर है। संगठन का आरोप है कि लगातार सामने आए परीक्षा विवादों और कथित पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि इसकी नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुधार। समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया। प्रभावित छात्रों को न्याय। पीएम मोदी के वीडियो संदेश में क्या कहा गया? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में युवाओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और युवाओं के हित सर्वोपरि हैं।






