नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “जो हमारे युवा प्रदर्शनकारी हैं, उनके साथ मेरी मीटिंग हुई थी और हमारे बीच बातचीत हुई। सबसे पहले मैं इनके जैसे जो हजारों युवा हैं, इनका और उनका धन्यवाद करना चाहता हूं कि ये शिक्षा प्रणाली के लिए लड़े, संविधान के लिए लड़े और भारत के भविष्य के लिए लड़े। हमारे बीच मुख्य बातचीत हिंसा को लेकर हुई। इनका(युवा प्रदर्शनकारी) कहना है कि इन्होंने किसी पर हिंसा नहीं की मगर इनका लगातार उत्पीड़न हो रहा है, इनको धमकाया गया, इन पर लाठियां चलाई गईं और इनको मारा गया… इन्होंने मुख्य बात कही कि जब अन्याय होता है, चाहे वो किसी और पर भी हो, एक नागरिक होने के नाते हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उस आदमी की हम रक्षा करें…आपने कुछ भी गलत नहीं किया है और आपकी माफी स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता है। आपको किसी से माफी मांगने की जरूरत नहीं है। आपने कुछ भी गलत नहीं किया।” राहुल गांधी की चुप्पी पर बोले प्रदर्शनकारी छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन 12वें दिन भी जारी है. प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्र धरने पर बैठे हैं. एक न्यूज चैनल ने आंदोलन कर रहे छात्रों से सवाल किया कि राहुल गांधी प्रयागराज में छात्रों के मुद्दे पर पहुंचे थे. जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर भी बैठे थे. फिर रांची के छात्रों के आंदोलन पर अब तक चुप्पी क्यों है? इस सवाल के जवाब में एक छात्र ने कहा, “हबीबी कम टू रांची.” छात्र का कहना था कि अगर राहुल गांधी देशभर के छात्रों के मुद्दों पर आवाज उठाते हैं, तो उन्हें रांची आकर यहां के छात्रों की भी बात सुननी चाहिए. उनका कहना था कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि निष्पक्ष परीक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए है।






