अंचल में धूमधाम व श्रद्धाभाव के साथ मना हलषष्ठी कमरछठ पर्व

माताओं ने संतान की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य के लिए रखा व्रत, सगरी में विधि-विधान से की पूजा-अर्चना

अर्जुनी। अंचल में पौराणिक एवं धार्मिक मान्यताओं से जुड़े हलषष्ठी (कमरछठ) पर्व को बुधवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर माताओं ने दिनभर व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पर्व को लेकर अर्जुनी सहित आसपास के गांवों में सुबह से ही धार्मिक माहौल बना रहा। अंचल के रवान मिरगी टोनाटार नवागांव मल्दी मोपर भद्रापाली खैरताल सहित अर्जुनी स्थित गायत्री मंदिर , हाउसिंग बोर्ड गांधी चौक मावली चौक सेन पारा शारदा चौक दुर्गा चौक सहित विभिन्न पूजा स्थलों पर बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं। महिलाओं ने सामूहिक रूप से सगरी का निर्माण कर उसमें पूजा सामग्री अर्पित की और हलषष्ठी माता की विधिवत पूजा की। पूजा के दौरान माताओं ने अपने पुत्र-पुत्रियों की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं।

 

हलषष्ठी पर्व को लेकर बाजार में भी विशेष चहल-पहल देखने को मिली। व्रत में उपयोग होने वाले पसहर चावल, दूध, घी सहित पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए सुबह से ही दुकानों पर भीड़ लगी रही। बाजार में पसहर चावल और दूध-घी की खरीदारी के लिए लंबी कतारें देखी गईं। पर्व की मांग को देखते हुए दुकानदारों ने भी पर्याप्त मात्रा में आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई।

 

पौराणिक परंपरा से जुड़ा है पर्व हलषष्ठी या कमरछठ पर्व को मातृत्व और संतान के मंगल से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन माताएं कठिन व्रत रखकर भगवान बलराम एवं हलषष्ठी माता की पूजा करती हैं तथा अपनी संतानों की दीर्घायु और आरोग्य की कामना करती हैं। ग्रामीण अंचलों में आज भी यह पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामूहिक पूजा के साथ मनाने की परंपरा कायम है।

अर्जुनी सहित आसपास के गांवों में महिलाओं ने पारंपरिक रूप से सगरी में पूजा कर पर्व की धार्मिक परंपरा को निभाया। पूरे दिन अंचल में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।

फ़ोटो : अटल आवास परिसर में हाऊसिंग बोर्ड की महिलाओं ने हलषष्ठी पूजा किया

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