रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मा माने जाने वाले प्रथम पर्व हरेली तिहार का प्रदेशभर में उत्साह के साथ आयोजन किया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री निवास में आयोजित हरेली तिहार कार्यक्रम को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा बयान दिया है। वहीं उनके रायपुर स्थित निवास पर भी पारंपरिक तरीके से हरेली तिहार मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के त्योहार परंपरागत हजारों सालों से चली आ रही हैं। हमारी सरकार के समय में इसे बढ़ावा देने का काम किया गया और छत्तीसगढ़ी परंपरा को देश-दुनिया में फैलाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि जो सम्मान हमने हासिल किया था और जिस ऊंचाई को हमारे शासनकाल में हमने छुआ था, वह आज खत्म कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ में महतारी की फोटो नहीं लगाई जा रही है। साथ ही कहा कि विश्व आदिवासी दिवस पर भी सरकार की ओर से कोई बधाई नहीं दी गई।हरेली तिहार को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हरेली का त्योहार हमारे छत्तीसगढ़ का पहला तिहार है। सभी लोग और किसान मिलकर इसे मनाते हैं। इस दिन औजारों की पूजा होती है और पशुधन की पूजा की जाती है। यह तिहार प्रकृति से जुड़ा हुआ है।








