रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले छत्तीसगढ़ के कई सांसद।
बैठक से पहले रेलवे बोर्ड के सामने रखे कई बड़े प्रस्ताव
भाटापारा ,राज्य में रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर राज्य के सांसदों व राज्य सभा सदस्यों ने केंद्र सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में अगले सप्ताह दिल्ली में रेलवे बोर्ड की संभावित बैठक होने जा रही है, जिसमें प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही बिलासपुर रेलवे जोनल सलाहकार समिति की आगामी बैठक के लिए भी सांसदों से सुझाव व प्रस्ताव मांगे गए हैं। सांसदों की मांग
सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने अंबिकापुर-बरवाडीह, अंबिकापुर-रेणुकुट, अंबिकापुर-पत्थलगांव नई रेल लाइनों और सुबह 5 बजे अंबिकापुर-रायपुर ट्रेन की मांग रखी है। वहीं, सांसद विजय बघेल और बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार बेमेतरा में रेल सुविधा, रीवा-बिलासपुर ट्रेन को दुर्ग तक बढ़ाने और शहडोल-नागपुर ट्रेन को अंबिकापुर तक ले जाने के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है।
सभी मुद्दों पर विस्तार से निर्णय होगा
राज्यसभा सदस्यों लक्ष्मी वर्मा, देवेंद्र प्रताप सिंह और फूलोदेवी नेताम ने रायपुर-अंबिकापुर के बीच इंटरसिटी व वंदे भारत ट्रेन, लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और तिल्दा-भाटापारा में लंबी दूरी की गाड़ियों के ठहराव का प्रस्ताव दिया है। इसके अतिरिक्त बस्तर और रायगढ़ के सांसदों ने नए स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव न होने पर नाराजगी जताई है। अक्टूबर की जोनल समिति बैठक में इन सभी मुद्दों पर विस्तार से निर्णय होगा।








