नई दिल्ली:भारतीय राजनीति में त्योहारों के अवसर पर दिए जाने वाले शुभकामना संदेशों पर भी अब गहरी राजनीतिक नजर रखी जाने लगी है। हाल ही में दीपावली के पावन अवसर पर देशवासियों को बधाई देते समय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए एक बयान ने देश के राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान खड़गे ने दीपावली को “खुशियों की एक ईद” और “लंबे समय तक चलने वाली ईद” कहकर संबोधित किया था, जिसके बाद से ही भारतीय जनता पार्टी सहित विभिन्न आलोचकों ने उन पर सनातन परंपराओं की मूल पहचान को कमतर आंकने और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने इस बहुचर्चित बयान में कहा था कि दीपावली एक बहुत बड़ा त्योहार है जिसे हिंदुस्तान में सभी लोग मिलकर मनाते हैं, क्योंकि यह खुशियों की एक ऐसी ईद है जो कई दिनों तक लंबे समय तक चलती है। उन्होंने इसके साथ ही देश में सुख-शांति बनाए रखने और आपसी मतभेदों को भुलाकर राष्ट्र को एकजुट करने की भी अपील की थी। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों और आलोचकों का मानना है कि सर्वधर्म समभाव और आपसी भाईचारे का संदेश देने का यह तरीका वैचारिक रूप से त्रुटिपूर्ण है। दीपावली और ईद दोनों ही त्योहारों का अपना एक स्वतंत्र, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व है। प्रकाश पर्व की तुलना किसी अन्य धर्म के प्रतीक से करने को एक बड़े वर्ग द्वारा सनातन धर्म के करोड़ों अनुयायियों की आस्था के प्रति असंवेदनशीलता और त्योहार की मौलिकता को धुंधला करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेतृत्व को पूरी तरह आड़े हाथों लिया है। भाजपा प्रवक्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अपनी पुरानी ‘वोट बैंक’ की नीति पर चलते हुए बहुसंख्यक समाज के सबसे बड़े त्योहार की परिभाषा को बदलने का प्रयास कर रहा है। आलोचकों का तर्क है कि जब कांग्रेस खुद को चुनावी जमीन पर मजबूत करने की कोशिशों में जुटी है, तब राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्तर से इस तरह का अपरिपक्व भाषाई चयन पार्टी को वैचारिक रूप से बैकफुट पर ला खड़ा करता है। सोशल मीडिया से लेकर टीवी बहसों तक इस बयान को कांग्रेस का एक बड़ा आत्मघाती कदम (सेल्फ-गोल) माना जा रहा है, जिससे सामाजिक सद्भाव फैलाने की कोशिश के बजाय एक नया और अनावश्यक विवाद पैदा हो गया है।












