महासमुंद में जले 6 लाख दीप, सेवा और सुशासन के संकल्प से जगमगाया जिला

महासमुंद।सेवा, समर्पण, सुशासन और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान के तहत आज महासमुंद जिले में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जिलेभर में शाम 7 बजे एक साथ 6 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर नागरिकों ने सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सामूहिक संकल्प व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा से जुड़े इस आयोजन में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली।

अटल परिसर में मुख्य आयोजन, 8 हजार दीयों से जगमगाया परिसर

कार्यक्रम का जिला स्तरीय मुख्य आयोजन महासमुंद के अटल परिसर में किया गया। यहां करीब 8 हजार दीपों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठा। सर्वप्रथम शहीद वीर नारायण सिंह एवं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलन किया गया। साथ ही शहर में चौक-चौराहों में दीप जलाए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी शामिल हुईं। कार्यक्रम में छ.ग. राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डाॅ. विमल चोपड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, जिला स्काउट एवं गाइड संघ के अध्यक्ष ऐतराम साहू, छ.ग. राज्य स्काउट गाईड के मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पवन पटेल, नगरपालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चंद्राकर, भारतीय रेडक्राॅस सोसायटी के सभापति संदीप दीवान, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्व-सहायता समूह की महिलाएं और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चैधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा जनसेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प की यात्रा है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शासकीय जिम्मेदारी संभालने के बाद से वे निरंतर जनता की सेवा और देश के विकास के लिए कार्य करते आ रहे हैं। विषम परिस्थितियों के बावजूद विकास की गति को बनाए रखने, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी प्रतिभा एवं क्षमता को अवसर देने के लिए अनेक पहल की गई हैं। ‘लखपति दीदी’ जैसे प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। ड्रोन दीदी जैसी पहल के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं। इसी तरह स्वच्छता, किसान कल्याण, युवा शक्ति और जनभागीदारी से जुड़े प्रयासों के माध्यम से विकास को व्यापक सामाजिक सहभागिता से जोड़ने का प्रयास किया गया है।शाम 7 बजे जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी चिन्हित स्थलों-शहरी चौक, ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों और मोहल्लों में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित किए गए। दीपों की सामूहिक रोशनी ने जिलेभर में सेवा, संकल्प, सुशासन और जनभागीदारी का संदेश प्रसारित किया। अनेक स्थानों पर नागरिकों ने अपने घरों और आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर भी दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान में सहभागिता निभाई। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक शासकीय प्रतिष्ठान, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के आवास, अमृत सरोवर, पंचायत भवन, पीडीएस भवन तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इससे गांवों में भी उत्सव और सामूहिक सहभागिता का वातावरण बना रहा।

 

इस अवसर पर विकासखंड महासमुंद में लगभग 1 लाख 5 हजार, बसना में 1 लाख 2 हजार, पिथौरा में 1 लाख 26 हजार, बागबाहरा में 1 लाख 11 हजार तथा सरायपाली में 1 लाख 7 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 5 लाख 51 हजार दीपों से सेवा संकल्प की रोशनी बिखरी। इसी तरह नगरीय क्षेत्रों में महासमुंद में रेलवे स्टेशन, अस्पताल, अंबेडकर चौक एवं दीनदयाल उपाध्याय चौक खैरा में एक-एक हजार कुल 4000 दीप प्रज्ज्वलित किए गए। वहीं बसना, पिथौरा, तुमगांव एवं सरायपाली सहित विभिन्न स्थानों पर करीब 20 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए।

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, शासकीय कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। महिलाओं ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा और जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं एवं ग्रामीणों की सहभागिता ने कार्यक्रम को जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान किया।

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