मुंगेली और पथरिया के जलग्रहण क्षेत्रों के विकास को मिलेगी नई दिशा, 13,441 हेक्टेयर में जल-मृदा संरक्षण को मंजूरी, 100 गांवों को मिलेगा लाभ

संदीप यादव मुंगेली जिले में, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला स्तरीय डब्ल्यूसीडीसी समिति के अध्यक्ष अमृत विकास तोपनो ने आज जिला कलेक्ट्रेट के मनियारी सभाकक्ष में डब्ल्यूसीडीसी समिति की अहम बैठक ली। इस बैठक में विकासखंड मुंगेली और पथरिया के चयनित जलग्रहण क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर तैयार किए गए दो प्रारंभिक परियोजना प्रतिवेदनों (PIR) पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में मौजूद सभी विभागीय अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने चर्चा के बाद दोनों परियोजनाओं को सर्वसम्मति से अनुमोदित कर दिया। कलेक्टर ने बैठक के दौरान परियोजना क्षेत्र, प्रस्तावित लागत, तकनीकी पहलुओं और ग्रामीणों को होने वाले लाभों को लेकर संबंधित अधिकारियों से एक-एक बिंदु पर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जलग्रहण विकास के कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

100 गांवों में होगा काम, GIS तकनीक से बना प्लान

बैठक में उप संचालक कृषि एवं सदस्य सचिव डब्ल्यूसीडीसी ने पावर प्वाइंट के माध्यम से प्रस्तावित परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए विकासखंड मुंगेली और पथरिया के अंतर्गत दो मिली जलग्रहण क्षेत्रों का चयन किया गया है। परियोजना प्रतिवेदनों को तैयार करने में आधुनिक जीआईएस तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे क्षेत्र के नक्शे, ढाल, जल प्रवाह और मिट्टी की स्थिति की सटीक जानकारी मिल सके।

परियोजनाओं का चयन छत्तीसगढ़ राज्य परिप्रेक्ष्य एवं कार्यनीति योजना 2012-13 से 2026-27 के आधार पर किया गया है।

पहली परियोजना – मुंगेली विकासखंड
मुंगेली डब्ल्यूसीडीसी 3.0/1/2026-27 के तहत 4जी3ए8ए2 मिली जलग्रहण क्षेत्र को लिया गया है। इसके अंतर्गत लगभग 5,488.11 हेक्टेयर क्षेत्र को उपचारित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए लगभग 1,372.03 लाख रुपये की लागत प्रस्तावित की गई है। इस परियोजना में मुंगेली ब्लॉक के 48 गांवों को शामिल किया गया है, जहां जल संरक्षण के लिए चेकडैम, स्टॉपडैम, खेतों की मेड़बंदी और वृक्षारोपण जैसे कार्य प्रस्तावित हैं।

दूसरी परियोजना – पथरिया विकासखंड
इसी तरह पथरिया डब्ल्यूडीसी 3.0/2/2026-27 के अंतर्गत 4जी3ए8बी2 एवं 4जी3ए8बी3 मिली जलग्रहण क्षेत्रों को लिया गया है। इसमें लगभग 7,953 हेक्टेयर क्षेत्र उपचारित किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 1,988.25 लाख रुपये है। इस परियोजना में पथरिया ब्लॉक के 52 गांवों को जोड़ा गया है।

इस प्रकार दोनों परियोजनाओं को मिलाकर कुल 13,441.11 हेक्टेयर क्षेत्र में जलग्रहण विकास के कार्य कराए जाएंगे और कुल 100 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।

डब्ल्यूसीडीसी समिति की यह पहल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर को बढ़ाने, मिट्टी के कटाव को रोकने और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इससे खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बंजर जमीन उपजाऊ बनेगी और किसानों की आजीविका मजबूत होगी। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का योजनाबद्ध उपयोग होगा और ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और ग्राम स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

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