भाटापारा ,सावन मास की हरियाली और धार्मिक आस्था के बीच अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति नारी प्रकोष्ठ की महिलाओं ने कसडोल के समीप स्थित सिद्धखोल जलप्रपात में अनूठे अंदाज में सावन उत्सव मनाया। भाटापारा से करीब 65 किलोमीटर दूर स्थित सिद्धखोल में प्रकृति की खूबसूरती के साथ प्राचीन शिव मंदिर की आध्यात्मिक अनुभूति ने उत्सव को विशेष बना दिया।
अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति नारी प्रकोष्ठ की प्रांतीय उपाध्यक्ष उषा मिश्रा एवं भाटापारा इकाई अध्यक्ष शिवानी शर्मा के नेतृत्व में आयोजित पर्यटन सावन उत्सव में करीब 40 महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने सिद्धखोल के सुरम्य वातावरण में विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों के साथ सावन उत्सव का आनंद लिया। इस दौरान महिलाओं ने सावन के झूले का आनंद लेने के साथ प्राचीन शिवलिंग का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। जलप्रपात से गिरती दूधिया जलधारा और चारों ओर फैली हरियाली ने उत्सव के माहौल को और आकर्षक बना दिया। प्राकृतिक सौंदर्य के बीच महिलाओं ने सामूहिक भोज का भी आयोजन किया, जिसमें आपसी आत्मीयता और सौहार्द की झलक देखने को मिली।
आयोजकों ने बताया कि संस्था की ओर से विभिन्न रचनात्मक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक एकता और सकारात्मकता का संदेश दिया जाता है। इसी कड़ी में इस वर्ष सावन उत्सव को प्रकृति दर्शन और आध्यात्मिकता से जोड़ते हुए सिद्धखोल में आयोजित किया गया। आध्यात्मिक एवं धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन एवं पुण्यदायी माने जाने वाली सावन मास मे जहां धार्मिकता की दिव्यता झलकती है वहीं प्राकृतिक सौन्दर्य का वैभव भी नजर आता है, कुल मिलाकर प्रकृति एक दिव्य एवं भव्य उत्सव स्वरुप मे नजर आती है, विभिन्न आयोजनों के माध्यम से निरंतर रचनात्मकता का संदेश प्रसारित करने वाली संस्था अखंड ब्राम्हण समाज सेवा समिति नारी प्रकोष्ठ द्वारा सावन के पवित्र मास मे सावन उत्सव को प्रकृति दर्शन से जोड़ते हुए अनूठे आयाम का परिचय दिया गया है।














