स्थापना दिवस पर रेलवे स्टेशनों में गूंजें छत्तीसगढ़ी लोकगीत छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन पीए सिस्टम से पारंपरिक गीत-संगीत बजाने की मांग

कमलकांत पाटनवार 

बिलासपुर

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रेलवे स्टेशनों में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की झलक दिखाई दे, इसके लिए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने पहल की है। संगठन ने 1 नवंबर को बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी रेलवे स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली (पीए सिस्टम) के माध्यम से छत्तीसगढ़ी पारंपरिक लोकगीत और लोकसंगीत बजाने की मांग की है। इस संबंध में संगठन के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार पाली ने मंडल रेल प्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।

लोकगीतों से सजे रेलवे स्टेशन!

संगठन ने ज्ञापन में कहा है कि 1 नवंबर छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण दिन है। इस अवसर पर प्रदेशभर में राज्य स्थापना दिवस मनाया जाता है। ऐसे में रेलवे स्टेशनों पर भी छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित किया जाना चाहिए। इसके लिए स्टेशनों के पीए सिस्टम से सुआ गीत, करमा, ददरिया, पंथी सहित अन्य पारंपरिक लोकगीत बजाने की व्यवस्था की जाए।

यात्रियों को मिलेगी संस्कृति की जानकारी

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का कहना है कि रेलवे स्टेशन प्रदेश की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं। यहां पारंपरिक गीत-संगीत बजने से यात्रियों को छत्तीसगढ़ की कला, भाषा और लोकपरंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों के बीच भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी।

भाषा और लोककला को मिलेगा प्रोत्साहन

ज्ञापन में कहा गया है कि इस पहल से स्थानीय भाषा, लोककला और पारंपरिक संगीत को सम्मान मिलेगा। साथ ही नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकेगी। संगठन ने रेल प्रशासन से मांग पर सकारात्मक पहल करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है, ताकि राज्य स्थापना दिवस पर बिलासपुर रेल मंडल के सभी रेलवे स्टेशनों में छत्तीसगढ़ी लोकगीत बजाए जा सकें।

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