राजनांदगांव। गैंदाटोला पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर ग्रामीणों को झांसे में लेकर उनके दस्तावेजों के जरिए फर्जी तरीके से मोबाइल सिम एक्टिवेट कराने और बैंक खाते खुलवाकर उन्हें दूसरे लोगों को बेचने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 18 एक्टिवेटेड सिम कार्ड, चार एटीएम/डेबिट कार्ड और बैंक चेकबुक जब्त की है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, पोखन मोबाइल सीताकसा के पीओएस संचालक द्वारा अपने साथियों के सहयोग से कथित तौर पर फर्जी सिम एक्टिवेट कर उनकी खरीद-बिक्री और धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत गैंदाटोला थाने में मिली थी। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 14/2025 दर्ज कर धारा 318(4), 61(2) बीएनएस और धारा 66(C) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। छह आरोपी पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी हेमंत डोंगरे, प्रखर सिंह चौहान, शेख सरफराज, कैलाश नाथ पड़ोती, तरण कुमार साहू और मनीष कुमार सांडिल को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। प्रकरण में एक अन्य आरोपी गुलशन कुमार खोबरागढ़े उर्फ राजा घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस डोंगरगांव मंजूलता बाज के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी गैंदाटोला राजेश कुमार साहू के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस के अनुसार मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ग्राम होड़ीटोला में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी गुलशन कुमार खोबरागढ़े उर्फ राजा पिता अमरलाल खोबरागढ़े उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम होड़ीटोला थाना अंबागढ़ चौकी जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को पकड़ लिया। ग्रामीणों के दस्तावेज लेकर सिम एक्टिवेट करने का आरोप पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित रूप से ग्रामीणों को झांसे में लेकर उनके नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था। इनके जरिए मोबाइल सिम एक्टिवेट करवाकर उन्हें दूसरे लोगों को बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंकों में खाते भी खुलवाता था। इसके बाद इन बैंक खातों को अन्य लोगों को उपलब्ध कराकर बदले में रकम प्राप्त करता था। पूछताछ में आरोपी द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अवैध लाभ प्राप्त करने की बात स्वीकार किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। 18 एक्टिवेटेड सिम और चार एटीएम कार्ड जब्त पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर फर्जी सिम की खरीद-बिक्री में इस्तेमाल किए जाने वाले दो मोबाइल फोन, 18 एक्टिवेटेड सिम कार्ड, चार एटीएम/डेबिट कार्ड और बैंक चेकबुक को गवाहों के समक्ष जब्त किया है। आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अपने नाम पर जारी मोबाइल सिम, बैंक खाते और बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर की जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को न दें। किसी भी संदिग्ध बैंकिंग गतिविधि या सिम के दुरुपयोग की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार साहू, एएसआई मेघनाथ सिन्हा, आरक्षक मोहित साहू, राकेश साहू सहित गैंदाटोला थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।








