राष्ट्रपति मुर्मू आज जगदलपुर में मां दंतेश्वरी के करेंगी दर्शन, मुरिया दरबार में होंगी शामिल

जगदलपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर रहेंगी। उनके आगमन को लेकर जगदलपुर में व्यापक तैयारियां की गई हैं। राष्ट्रपति अपने प्रवास के दौरान सबसे पहले बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद वे सिरहासार भवन में आयोजित ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी, जहां बस्तर की पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े मांझी-चालकी और अन्य जनजातीय प्रतिनिधियों से संवाद का कार्यक्रम निर्धारित है। राष्ट्रपति लालबाग मैदान में बस्तर दशहरा से जुड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगी और आमसभा को संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति सचिवालय ने 23 अक्टूबर को उनके मुरिया दरबार और बस्तर दशहरा कार्यक्रम में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि की है।

सुबह जगदलपुर पहुंचने का कार्यक्रम, प्रशासन अलर्ट राष्ट्रपति के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे शुक्रवार सुबह जगदलपुर पहुंचेंगी। उपलब्ध स्थानीय कार्यक्रम विवरण में सुबह करीब 10:30 बजे उनके आगमन की जानकारी दी गई है। राष्ट्रपति का बस्तर प्रवास कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक परंपराओं से जुड़े आयोजन शामिल हैं। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने आवश्यक तैयारियां की हैं। जगदलपुर एयरपोर्ट से लेकर मां दंतेश्वरी मंदिर, सिरहासार भवन और लालबाग मैदान तक विशेष सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है। कार्यक्रम स्थलों पर अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ प्रवेश व्यवस्था तथा भीड़ प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

सुबह 11 बजे मां दंतेश्वरी मंदिर में करेंगी पूजा-अर्चना राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सुबह 11 बजे जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना का कार्यक्रम निर्धारित है। मां दंतेश्वरी बस्तर क्षेत्र की आराध्य देवी मानी जाती हैं। बस्तर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में देवी की पूजा का विशेष महत्व है। बस्तर दशहरा की कई प्रमुख परंपराएं मां दंतेश्वरी की आराधना से जुड़ी हैं। यही कारण है कि बस्तर दशहरा सामान्य दशहरा उत्सव से अलग अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राष्ट्रपति मुरिया दरबार से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगी।  मुरिया दरबार में जनजातीय प्रतिनिधियों से करेंगी संवाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सिरहासार भवन में आयोजित ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी। इस अवसर पर बस्तर की पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े मांझी, चालकी और अन्य जनजातीय प्रतिनिधियों के साथ उनका संवाद प्रस्तावित है। मुरिया दरबार बस्तर दशहरा की महत्वपूर्ण परंपराओं में शामिल है। इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले पारंपरिक प्रतिनिधि, जनजातीय समुदायों के सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी भाग लेते हैं।यह आयोजन स्थानीय समाज की समस्याओं, परंपराओं और सामुदायिक विषयों को सामने रखने का मंच भी माना जाता है। राष्ट्रपति की उपस्थिति से बस्तर की इस पारंपरिक व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलने की उम्मीद है।

 

 

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