रायपुर।VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर वेतन कटौती के शिक्षा विभाग के निर्देशों का विरोध तेज हो गया है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और वेतन कटौती के आदेश पर पुनर्विचार की मांग की। करीब आधे घंटे की चर्चा में डीपीआई की तरफ से सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन को राहत भरा आश्वासन मिला है।
फेडरेशन ने अपने ज्ञापन में कहा कि प्रदेश के लगभग 80 हजार शिक्षक नियमित रूप से VSK ऐप पर उपस्थिति दर्ज करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इंटरनेट कनेक्टिविटी, सर्वर और ऐप की तकनीकी खामियों के कारण कई बार उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में ऑनलाइन उपस्थिति को ही वेतन भुगतान का एकमात्र आधार बनाना शिक्षकों के साथ अन्याय होगा। डीपीआई ने सभी बातों को गंभीरता से सुना और उसके निराकरण का आश्वासन दिया।
‘तकनीकी समस्या का खामियाजा शिक्षकों पर नहीं डाला जाए’
ज्ञापन में फेडरेशन ने कहा कि यदि किसी शिक्षक की उपस्थिति केवल VSK ऐप की तकनीकी समस्या के कारण दर्ज नहीं हो पाई है, तो उसके आधार पर वेतन कटौती करना उचित नहीं होगा। संगठन ने विभाग से मांग की कि ऐसी परिस्थितियों में शिक्षकों की ऑफलाइन उपस्थिति, विद्यालय रिकॉर्ड और वास्तविक कार्य को भी मान्यता दी जाए।
बिना विभागीय जांच वेतन कटौती अनुचित
फेडरेशन ने यह भी कहा कि यदि किसी शिक्षक पर वेतन कटौती जैसी कार्रवाई की जाती है तो पहले संबंधित शिक्षक से कारण पूछा जाए और वस्तुस्थिति की जांच की जाए। केवल ऐप में उपस्थिति दर्ज नहीं होने के आधार पर वेतन रोकना या काटना न्यायसंगत नहीं है।संगठन का कहना है कि यदि किसी मामले में यह पाया जाता है कि शिक्षक बिना कारण अनुपस्थित रहा है, तब विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। लेकिन तकनीकी खामियों के कारण सभी शिक्षकों को दोषी मानना उचित नहीं है।
DPI से समस्या के समाधान की मांग
ज्ञापन में फेडरेशन ने DPI से आग्रह किया है कि VSK ऐप की तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान कराया जाए तथा वेतन कटौती से पूर्व सभी शिक्षकों को उचित अवसर और वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर राहत दी जाए।संगठन ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल बनाने का वे समर्थन करते हैं, लेकिन डिजिटल व्यवस्था की कमियों का भार शिक्षकों पर नहीं डाला जाना चाहिए।
शिक्षक संगठनों में बढ़ रही नाराजगी
गौरतलब है कि जुलाई माह का वेतन VSK ऐप की ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर जारी करने के विभागीय निर्देश के बाद प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। कई संगठन पहले ही आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं और इस मुद्दे पर लगातार शासन व शिक्षा विभाग से राहत की मांग कर रहे हैं।








