बालोद। शहर में युवती पर एसिड अटैक के मामले को लेकर लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को मंगलवार को पुलिस मुंडन कराकर पैदल न्यायालय लेकर पहुंची। आरोपियों को देखते ही शहर के घड़ी चौक पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और भीड़ में से कुछ लोगों ने उनके चेहरे पर कालिख फेंक दी। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने आरोपियों को फांसी देने की मांग करते हुए नारेबाजी भी की। घटना के बाद से बालोद शहर में इस मामले को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। खासकर युवाओं और छात्र-छात्राओं में इस वारदात को लेकर आक्रोश है। आरोपियों को जब पुलिस पैदल लेकर कोर्ट की ओर जा रही थी, तब रास्ते में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। घड़ी चौक के पास जैसे ही दोनों आरोपी पहुंचे, भीड़ ने विरोध शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने आरोपियों के चेहरे पर कालिख फेंक दी। इसके बाद मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली और दोनों आरोपियों को आगे कोर्ट की ओर ले जाया गया। इस दौरान छात्र-छात्राएं हाथों में नारे लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते नजर आए। कई लोगों ने मांग की कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए, ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके। लोगों का कहना है कि एसिड अटैक जैसे गंभीर अपराधों में कड़ी और त्वरित कार्रवाई जरूरी है। साथ ही इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि आरोपियों को एसिड कहां से मिला और किसने उन्हें एसिड उपलब्ध कराया। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की ओर से मांग उठाई जा रही है कि एसिड बेचने वाले व्यक्ति या दुकान की भूमिका की भी जांच की जाए। यदि नियमों का उल्लंघन कर एसिड उपलब्ध कराया गया है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। गौरतलब है कि बालोद में एकतरफा प्रेम प्रसंग से जुड़े इस मामले में युवती पर एसिड फेंकने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद से पीड़िता के प्रति सहानुभूति और आरोपियों के खिलाफ नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मामले में आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई होती है और एसिड की उपलब्धता से जुड़ी जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।






